बांकुड़ा.
श्रमिकों, किसानों, खेतिहर मजदूरों और झुग्गी-झोपड़ी संगठनों से जुड़े वामपंथी संगठनों ने बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर बांकुड़ा के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. सीआईटीयू, कृषक समिति, किसान महासंघ और पश्चिम बंगाल बस्ती उन्नयन समिति के आह्वान पर जिले भर के कामकाजी लोग तामलीबांध मैदान में एकत्र हुए और मांचंतला की परिक्रमा करते हुए जिला कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया. वामपंथी संगठनों ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट को रद्द करने, मनरेगा के तहत 100 दिन का काम तुरंत शुरू करने, कोर्ट के फैसले के अनुसार राज्य में रोजगार लागू करने, चार लेबर कोड को रद्द करने और मजदूरों के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की. इसके साथ ही किसानों को उनकी फसलों का उचित लाभ देने और एसआईआर के नाम पर दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व श्रमिकों को परेशान करना बंद करने की मांग उठाई गई. संगठनों ने कहा कि किसी भी वास्तविक मतदाता का वोट देने का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए.कलेक्टरेट के सामने धरना व सभा
पुलिस ने जुलूस को कलेक्टरेट परिसर में प्रवेश से पहले रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठकर प्रतिवाद सभा की. सभा को सागर बाद्यकर, अभय मुखर्जी और अजीत पति ने सौमेंदु मुखर्जी की अध्यक्षता में संबोधित किया. वक्ताओं ने 12 फरवरी 2026 को देश भर के मजदूर संगठनों की ओर से बुलाई गई और संयुक्त किसान मोर्चा समर्थित आम हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. साथ ही बताया गया कि माध्यमिक परीक्षाओं को देखते हुए पश्चिम बंगाल में आम हड़ताल के बजाय इंडस्ट्रियल हड़ताल की जाएगी और परिवहन व्यवस्था को हड़ताल से बाहर रखा जायेगा. बैठक के दौरान जदुनाथ रॉय, स्वपन घोष, दीपक दुले और अनादि बागदी के प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को मांग पत्र सौंपा. चर्चा के अंत में जदुनाथ रॉय ने उपस्थित लोगों को बातचीत की जानकारी दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
