अंडाल थाना पुलिस ने कारोबारी को बालू की अवैध जमाखोरी के मामले में पहले भी किया था गिरफ्तार अंडाल प्रखंड के बीएलएंडएलआरओ ने 28 अगस्त 2021 को दर्ज करायी थी प्राथमिकी, 22 अक्तूबर को चिन्मय हुआ था गिरफ्तार
चिन्मय का भांजा किरण खां भी इसी मामले में हो चुका है गिरफ्तार, वह भी है बालू का कारोबारीआसनसोल. बालू कारोबारी चिन्मय मंडल की गिरफ्तारी से अनेक अधिकारी सकते में हैं, चिन्मय का बड़े-बड़े अधिकारियों से संपर्क रहा है, जिसे लेकर वह हमेशा निचले स्तर के अधिकारियों पर रोब झाड़ता रहता था. उसके पास काफी जानकारियां है, जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (इडी) निकालने का प्रयास करेगा. इससे पहले अंडाल थाने की पुलिस ने उसे 22 अक्तूबर 2021 को गिरफ्तार किया था.
अंडाल प्रखंड के बीएलएंडएलआरओ ने बाबुईसोल मौजा में एलआर प्लॉट नंबर 425 और जेएल प्लॉट नंबर 46 पर 87 हजार सीएफटी अवैध बालू के स्टॉक को लेकर 28 अगस्त 2021 को स्थानीय थाने में शिकायत की, जिसके आधार पर अंडाल थाने में केस नंबर 228/21में आइपीसी की धारा 379/411 और 21 माइन्स एंड मिनरल एक्ट के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इस मामले में बालू के करोबार अनेकों दिग्गजों की गिरफ्तारी हुई. जिसमें चिन्मय के अलावा उसके भांजे किरण खां, बालू कारोबार के बेताज बादशाह सुजय घोष उर्फ केबू, शिवशंकर मिश्रा, प्रदीप आदि अनेकों की गिरफ्तारी हुई. चिन्मय को रिमांड पर लेकर पुलिस ने काफी अहम जानकारियां भी हासिल की थीं.23 मई 2021 को कांकसा थाना क्षेत्र में रेड के बाद बालू के गोरखधंधे का हुआ था खुलासा
कांकसा थाना पुलिस ने 23 मई 2021 को बासकोपा टोलप्लाजा के पास बालू लदे 14 ट्रकों को पकड़ा. जांच के क्रम में पाया गया कि ट्रकों में जो चालान दिया गया था, वह सारे फर्जी थे. इस दौरान खुलासा हुआ कि प्रतिदिन 300-400 ट्रक बालू का अवैध करोबार पैड के जरिये हो रहा है. यह कारोबार सिंडिकेट के माध्यम से चलता था, सिंडिकेट में फुट पड़ने के कारण यह उजागर हुआ. उसी दौरान इस कारोबार से जुड़े दिग्गजों का नाम सामने आया. कांकसा थाना पुलिस ने इसे लेकर कांड संख्या 168/21 में आइपीसी की धारा 188/379/411/413/414/467/468/471/120बी और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 व माइन्स एंड मिनिरल्स एक्ट की धारा 21/22 के तबत प्राथमिकी दर्ज की. पुलिस ने ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर चालान किया.राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों में भी फैला है उसका धंधा
चिन्मय का करोबार काफी बड़े पैमाने पर फैला हुआ था, राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों में भी उसका कारोबार चलता था. चिन्मय का बड़े-बड़े अधिकारियों से संपर्क बनाने का नशा रहा है और उसने काफी बड़े-बड़े अधिकारियों से संबंध बनाया भी, जिसे लेकर हमेशा रौब झाड़ता रहता था. अंडाल थाना बालू कांड में गिरफ्तारी से बचने को लेकर उसने काफी हथकंड़ा अपनाया था, लेकिन कुछ भी काम नहीं आया और गिरफ्तार हुआ.
