बीरभूम में नकली नोटों के कारोबार का हुआ भंडाफोड़ ,पांच सौ के तीस नकली नोट के साथ युवक गिरफ्तार

यानी अगर वे 500 रुपये का नकली नोट चलाते हैं तो उन्हें 300 रुपये का फायदा होता था.इस अवैध कारोबार में और कौन कौन लोग शामिल है पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है. बताया जाता है की जिले में अवैध रूप से नकली नोटों के इस पर्दाफाश से आम कारोबारी में भय और आतंक है.

बीरभूम, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अवैध विस्फोटक (illegal explosives) और अवैध हथियारों की बरामदगी की घटना का मामला अभी तक पूरी तरह से थमा नहीं था. इस बीच अब जिले में नकली नोटों के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है. जिले के ग्रामीण बाजारों में नकली नोटों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस मुहिम छेड़ दी है. इसी बीच जिले के मल्लारपुर थाना पुलिस ने मल्लारपुर के बीरचंद्रपुर बाजार इलाके से शेख ताजमुल नाम के एक युवक को 500 रुपये के 30 नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि पुलिस ने स्थानीय जाबुनी गांव से शेख पियारुल नाम के नकली नोट कारोबारी को पहले ही गिरफ्तार किया था.

शेख पियारुल के बयान के बाद शेख ताजमुल को गिरफ्तार किया गया. इन दिनों अब धान की खरीद फरोख्त यानी कारोबार ग्रामीण बाजार में चल रहा है. बताया जाता है कि इस अवसर का उपयोग करके ही नकली नोट के कारोबारी 500 रुपये के इन नकली नोटों को पड़ोसी मुर्शिदाबाद जिले से आयात कर बीरभूम के ग्रामीण बाजारों में चला है. गिरफ्तार ताजमूल ने पुलिस को बताया की वे 200 रुपये में 500 रुपये के नकली नोट खरीदते है. और इस कारोबार को चलाते है.

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यानी अगर वे 500 रुपये का नकली नोट चलाते हैं तो उन्हें 300 रुपये का फायदा होता था.इस अवैध कारोबार में और कौन कौन लोग शामिल है पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है. बताया जाता है की जिले में अवैध रूप से नकली नोटों के इस पर्दाफाश से आम कारोबारी में भय और आतंक है. जिला भाजपा के नेताओं का कहना है की केंद्र सरकार के नोट बंदी के बावजूद बांग्लादेश से भारी मात्रा में मुर्शिदाबाद के रास्ते बीरभूम जिले में नकली नोट घुस रहा है. इसके पीछे भी कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. इधर जिला पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के पूछे जुट गई है.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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