छोटी दिवाली का भी लिया गया आनंद बांकुड़ा. दीपावली के शुभ अवसर पर बांकुड़ा में घर घर में रंगोली बनायी जाती है. रंगोली का महत्त्व यह है कि उसे त्योहार, पूजा एवं शादी विवाह के अलावा अन्य शुभ कार्यों में बनाया जाता है. विशेष तौर पर दीपावली में हर घर में रंगोली बनाने की प्रथा रहती है. हालांकि आज के आधुनिक दौर में रंगोली बनाने का रिवाज कम हो चला है फिर भी रंगोली के महत्व के चलते घर घर इसे बनाया जा रहा है. दीपावली के समय देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. रंगोली को शुभ माना जाता है एवं इसे घर में लक्ष्मी के प्रवेश का प्रतीक माना जाता है. बांकुड़ा शहर में भी नूतनगंज इलाके में रंगोली बनाने का रिवाज देखा गया. कहीं कहीं सामूहिक रूप में भी रंगोली बनाने का उत्साह देखा जाता है. रविवार की शाम बांकुड़ा के राधा भवन धर्मशाला में देखा गया कि जहां युवतियां रंगोली बनाते नजर आयीं. बांकुड़ा मारवाड़ी समाज की महिलाओं के साथ अन्य समाज की भी महिलाओं ने इसमें हाथ बटाया. दीपावली से एक दिन पहले छोटी दीपावली मनाया जाता है. इस शुभ अवसर पर दीप प्रज्वलित करने एवं पटाखे फोड़ने का भी नजारा देखा गया. मारवाड़ी समाज की युवतियों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष दीपावली के अवसर पर वे घरों में रंगोली बनाती हैं. बांकुड़ा धर्मशाला में सब के साथ मिलकर रंगोली बनाने के साथ साथ छोटी दीपावली का भी आनंद लिया गया. इस बारे में पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के बांकुड़ा शाखा के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा का कहना था कि हर वर्ष उनके घर में रंगोली बनायी जाती है. इस बार कुछ कुछ अलग रूप में सब के साथ मिलकर रंगोली बनाने का निर्णय लिया गया.
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