लगाया आरोप, सब कुछ जान कर भी प्रशासन बना हुआ है अनजान व उदासीन
दुर्गापुर. शहर में तीन दिनों से मिनी बस एवं ऑटो सेवा ठप रहने सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार जिला कांग्रेस की ओर से सिटी सेंटर स्थित महकमा शासक कार्यालय समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया. एवं मांगों का ज्ञापन परिवहन अधिकारी के हाथों सौंपा गया.प्रदर्शन के पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का दल भगत सिंह क्रीड़ा मैदान से रैली निकाली, जो सिनर्जी पार्क होकर कार्यालय गेट समक्ष पहुंच महकमा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया. इस दौरान तैनात पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रदर्शन कारियो को जबरन रोकने का प्रयास किया गया. जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच धक्का मुक्की होने से इलाके में तनाव व्याप्त हो गया. पुलिस के साथ धक्का मुक्की में जिलाध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती का कुर्ता फाड़ दिया गया. इस दौरान पुलिस एक कांग्रेस कार्यकर्ता को घसीटते हुए हिरासत में ले लिया गया. पुलिस बल ने रोकने का प्रयास जो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपेक्षा कर जबरदस्ती गेट खोल अंदर घुस गए एवं कार्यालय के भीतर बैठ कर आंदोलन शुरू कर दिया. इस दौरान प्रदर्शनयारियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तृणमूल का सहयोग करने का आरोप लगाने लगे.
प्रदर्शन का अनुमति को लेकर पुलिस एवं कांग्रेसियों में बहस: महकमा शासक कार्यालय समक्ष कांग्रेसियों को पुलिस द्वारा जबरन रोकने के बाद फैली तनाव पर पुलिस का कहना था कि आंदोलन का कोई सूचना नहीं दी गई थी. प्रदर्शन कारियो को रोकने के क्रम मेंन्यू टाउनशिप थाना के महिला प्रभारी ने जिला अध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती को कहा कि आंदोलन का कोई परमिशन मेरे पास नहीं दिया गया है.
इसके जवाब में देवेश चक्रवर्ती ने कहा कि मंगलवार महकमा शासक , सिटी सेंटर फाड़ी, आई बी डिपार्टमेंट को मेल अथवा लिखित तौर पर जानकारी दी गई थी. मैं आपको सूचना क्यों दूंगा. आपको सूचना देना महकमा शासक एवं आईबी डिपार्टमेंट का काम है.जिलाध्यक्ष ने पुलिस पर लगाये कई आरोप
देवेश चक्रवर्ती ने कहा कि जानकारी देने के बाद भी पुलिस द्वारा हम लोगों को अंदर नहीं जाने दिया गया. संगठन का आंदोलन का उद्देश्य तीन दिनों से परेशानी से जूझ रहे शहर वासियों को राहत दिलाना है. उन्होंने आरोप लगाया कि महकमा प्रशासन एवं पुलिस तृणमूल के इशारे पर काम कर रही है. और लोकतांत्रिक पद्धति से किए जा रहे आंदोलन को पुलिस दबाने का प्रयास कर रही है. पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ काफी दुर्व्यवहार किया है . जिससे हमारा कपड़ा फाड़ दिया गया . धक्का मुक्की में दर्जन भर कार्यकर्ताओं को चोट पहुंची है. पुलिस हमलोग के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया है .शहर के नागरिकों के स्वार्थ के लिए किया आंदोलन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीते तीन दिनों से शहर में मिनी बस एवं ऑटो बंद रहने के बाद भी प्रशासन चुप बैठी है . सेवा बंद होने के कारण परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है. लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है . नागरिकों को कही जाने पर टोटो वाले तीन गुना किराया वसूल रहे है. निजी टैक्सी चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने में लगे है.मिनी बस हड़ताल के बाद शहर में सरकारी बस क्यों नहीं चलाई जा रही है. प्रशासन को जल्द शहर में मिनी बस एवं ऑटो परिसेवा शुरू करनी होगी अन्यथा संगठन की ओर से जोरदार आंदोलन किया जाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
