अवैध तरीके से मिट्टी खनन करके ईंट भट्ठों में उपयोग करने को लेकर एनजीटी में हुई शिकायत

शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले की जांच का आदेश दिया है.

डीएम को भी वीडियो फुटेज के साथ भेजी गयी शिकायत, डीएम ने एडीएम (एलआर) को दिया जांच का आदेश

आसनसोल. कोयला और बालू के बाद अब मिट्टी के अवैध खनन और कारोबार का मामला सामने आया, इसे लेकर जिलाधिकारी के साथ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में शिकायत हुई. बाराबनी थाना क्षेत्र के स्टेशन पाड़ा इलाके के निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता बिट्टू विश्वकर्मा ने अपनी शिकायत के साथ वीडियो फुटेज भी सभी को भेजा, जिसमें देखा जा रहा है कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टर में मिट्टी लोड करके ले जाया जा रहा है, कुछ जगहों पर मशीन लगाकर मिट्टी की कटाई चल रही है. हालांकि इस वीडियो की सच्चाई की पुष्टि प्रभात खबर ने नहीं की है. शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले की जांच का आदेश दिया है. सूत्रों के अनुसार बाराबनी इलाके में मिट्टी खनन को लेकर अधिकारियों की टीम ने कुछ जगहों का निरीक्षण किया.

गौरतलब है कि शिल्पांचल में बड़ी तादाद में ईंटभट्ठे चलते हैं. जिसके लिए मिट्टी, बालू और कोयला मुख्य कच्चा माल होता है. तीनों चीज ही यहां काफी आसानी से उपलब्ध होने के कारण यहां यह उद्योग काफी तेजी से फैला है. इन भट्ठों में अवैध कोयले का उपयोग करने को लेकर दर्जनों शिकायतें हो चुकी हैं. जिसकी जांच भी चल रही है. अब अवैध तरीके से मिट्टी खनन लेकर शिकायत हुई है.

ईंटभट्ठे में मिट्टी के उपयोग का क्या है कानूनी प्रावधान?

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ईंटभट्ठे में चिमनी के चारों ओर राउंड करके ईंटें सजायी जाती हैं, जिसमें कोयला भरकर जलाया जाता है. सरकारी नियम के अनुसार एक राउंड ईंट के लिए उस भट्ठे के हिसाब से कितनी मिट्टी लगेगी, इसकी जांच होती है, जिसके आधार पर रॉयल्टी का पैसा वसूला जाता है. न्यूनतम तीन राउंड तक की रॉयल्टी जमा देनी होती है. सारा कुछ ऑनलाइन है.

कहां होती है चोरी?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार तीन राउंड ईंट के लिए मिट्टी के रॉयल्टी का पैसा जमा दिया जाता है और पांच से छह राउंड तक ईंट बनायी जाती है. अतिरिक्त ईंट बनाने के लिए जो मिट्टी लगी, उसकी रॉयल्टी सरकार को नहीं मिलती और अवैध रूप से मिट्टी का खनन करके उसका उपयोग किया जाता है. शिकायत में जांच होने के बाद ही असली सच्चाई सामने आयेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >