पुरुलिया में बीएलओ का प्रशिक्षण शुरू, शिक्षकों ने रखीं समस्याएं

एसडीओ से लेकर बीडीओ स्तर तक के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया और चुनाव आयोग की ओर से पहचान पत्र वितरित किए, जिन्हें कार्य के दौरान हमेशा पहनने का निर्देश दिया गया.

जिले के 20 प्रखंडों में बूथ स्तर अधिकारी लेने लगे प्रशिक्षण

पुरुलिया. जिले के सभी 20 प्रखंडों में शनिवार सुबह से एसआईआर कार्य के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ हुआ. विभिन्न प्रखंडों में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में लगभग 2420 बीएलओ ने हिस्सा लिया. एसडीओ से लेकर बीडीओ स्तर तक के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया और चुनाव आयोग की ओर से पहचान पत्र वितरित किए, जिन्हें कार्य के दौरान हमेशा पहनने का निर्देश दिया गया. प्रशिक्षण में उठे सवाल, शिक्षकों ने जतायी व्यावहारिक दिक्कत ः प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई बीएलओ ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं. अधिकांश बीएलओ प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक हैं. शिक्षक सुभाष राय और सुभाषित मंडल ने बताया कि नियमित शिक्षण कार्य और एसआईआर से जुड़ा दायित्व, दोनों को एक साथ निभाना कठिन है. उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य पूरा करने के बाद दूरस्थ इलाकों में एसआईआर का कार्य करना पड़ता है, जिससे समय की समस्या होती है. कई शिक्षकों के विद्यालय घर से 15 से 16 किलोमीटर दूर हैं, जिससे दोनों जिम्मेदारियों का निर्वाह चुनौतीपूर्ण है.

एक माह का समय नाकाफी, सुरक्षा की भी मांग

बीएलओ ने बताया कि पूरे कार्य के लिए केवल एक माह का समय निर्धारित किया गया है, जबकि एक बूथ पर औसतन 1200 से 1300 मतदाता हैं. इतने परिवारों तक फॉर्म पहुंचाना और प्रक्रिया पूरी करना इतने कम समय में संभव नहीं है.

उन्होंने आशंका जताई कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिलने पर कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. बीएलओ ने चुनाव आयोग से शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की मांग की.

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By GANESH MAHTO

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