एसआइआर को लेकर भाजपा-तृणमूल आमने-सामने, फॉर्म-7 जब्ती पर विवाद

उन्होंने कहा कि एसआइआर के फॉर्म-7 को जब्त करना गैरकानूनी है.

खातरा कोर्ट से भाजपा कार्यकर्ताओं की रिहाई

बांकुड़ा. भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष सरकार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस एक मकसद के तहत एसआइआर के काम में बाधा डाल रही है. उन्होंने कहा कि एसआइआर के फॉर्म-7 को जब्त करना गैरकानूनी है. वे जिला भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. सुभाष सरकार ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस जान बूझ कर सही मतदाता-सूची तैयार करने और एसआइआर की प्रक्रिया में रुकावट डाल रही है. उनका दावा है कि कोर्ट ने तृणमूल की साजिश को नाकाम कर दिया है. उन्होंने बताया कि मंगलवार को भाजपा के बीएलए-02 खातरा में एसआइआर फॉर्म जमा करने जा रहे थे, तभी उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया और गाड़ी समेत सभी फॉर्म जब्त कर लिये. इस मामले में गिरफ्तार तीनों भाजपा कार्यकर्ताओं को खातरा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिहा कर दिया गया. सुभाष सरकार ने आगे कहा कि किसी का नाम वोटर्स-लिस्ट से हटाने का अधिकार सिर्फ चुनाव आयोग को है. फॉर्म-7 पर आपत्तियां दर्ज करायी जा सकती हैं और चुनाव आयोग सत्यापन के बाद उचित कार्रवाई करेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस के पास रखे गये सभी फॉर्म वापस नहीं मिले, तो भाजपा कोर्ट का रुख करेगी.

तृणमूल का पलटवार, फॉर्म के स्रोत पर सवाल

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ताराशंकर राय और पार्टी नेता व मंत्री जोत्सना मांडी ने कहा कि भाजपा ने हजारों फॉर्म जमा किये थे और सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म उन्हें कहां से मिले. उनके मुताबिक तृणमूल कार्यकर्ताओं को संदेह हुआ, जिसके बाद गाड़ी जब्त कर पुलिस को सूचना दी गयी.

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Published by: Ganesh mahto

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