आरोपी वकील पर कार्रवाई नहीं, तो सड़क से संसद तक मार्च करेगी भीम आर्मी

प्रतिवाद. चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की घटना के खिलाफ निकाली विरोध रैली

थाने के जरिये राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन रानीगंज. सुप्रीम कोर्ट में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) पर जूता उछालने की घटना के खिलाफ शुक्रवार को भीम आर्मी ने यहां विरोध रैली निकाली और फिर रानीगंज थाने के जरिये भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी मांग पर केंद्रित एक ज्ञापन भेजा. मांग की कि आरोपी अधिवक्ता राकेश किशोर(71) के खिलाफ तत्काल उचित कानूनी कार्रवाई की जाये, जिसने ऐसी हरकत की है. ज्ञापन के जरिये भीम आर्मी ने साफ किया कि यदि ऐसे व्यक्तियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तो संविधान व संवैधानिक पदों पर विराजित महानुभावों के अपमान करने की दुष्प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा. भीम आर्मी के मुताबिक प्रधान न्यायाधीश ने केवल इतना कहा था कि भारत में बुलडोजर का कानून नहीं चलेगा, भारत संविधान से चलेगा. इसके जवाब में आरोपी वकील ने जूता उठा कर फेंक दिया. इस घटना को भीम आर्मी ने संविधान व उसके प्रतीकों का घोर अपमान बताते हुए राष्ट्रपति से अपील की कि ऐसे कृत्य करनेवाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर एक नजीर(उदाहरण) पेश की जाये, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत ना कर सके. भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की, तो उसके सर्वोच्च नेता चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर संगठन के सदस्य सड़क से लेकर संसद तक मार्च करेंगे. मौके पर ज्ञापन देनेवालों में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील रुईदास, जिला अध्यक्ष दुलाल बाउरी, जिला सचिव संतोष विश्वकर्मा, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी सिंपसन सैमुअल, कोषाध्यक्ष नंदकिशोर रजक, आसनसोल अंचल के अध्यक्ष संजय हरि, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला अध्यक्ष मोहम्मद मकसूद और बाउरी समाज से दीपेन बाउरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.

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By GANESH MAHTO

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