शिक्षा व शिल्प में बंगाल का भविष्य उज्ज्वल : राज्यपाल

एनआइटी दुर्गापुर में दो दिवसीय छात्र शिखर सम्मेलन हो गया शुरू

पहुंचे केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सुकांत मजूमदार भी राज्य सरकार को बताया एक्सपायर्ड गवर्नमेंट दुर्गापुर. तकनीकी शिक्षा एवं शिल्प ,उद्योग शिक्षा के मामले में बंगाल का भविष्य बेहतर है. शिक्षा और उद्योग के बीच मज़बूत गठबंधन विकसित भारत को सच्चे इंजन के रूप में काम करेगा. नवाचार वह प्रेरक शक्ति है, जो देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगी. उक्त बाते बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा. शुक्रवार एनआईटी दुर्गापुर की ओर से दो दिवसीय छात्र शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया. जहां प्रथम दिन राज्यपाल डॉ . सी.वी.आनंद बोस, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे.

एनआइटी में कार्यक्रम का विवरण

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) दुर्गापुर की ओर से शैक्षणिक उद्योग एवं पूर्व छात्र इंटरफेस शिखर सम्मेलन का शुक्रवार शुरुआत की. जिसे छात्र शिखर सम्मेलन 2025 के नाम से जाना जाता है. दो दिवसीय कार्यक्रम का विषय ‘उद्योग 4.0’ रखा गया है.

शिखर सम्मेलन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस मुख्य अतिथि के रूप में और भारत सरकार के शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार अतिथि के रूप में उपस्थित थे. अतिथियों के हाथों सम्मेलन का उद्घाटन किया गया.

कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया.जिनमें आइआइटी (आइएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा; एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार; सीएसआईआर-सीएमईआरआई, दुर्गापुर के निदेशक डॉ एनसी. मुर्मू; सी-डैक मुंबई के कार्यकारी निदेशक आदित्य कुमार सिन्हा; आईआईटी खड़गपुर के डीन (आरएंडडी) प्रो. एसके पाल; एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. मौ सेन; बंधन बैंक के सीओओ और कार्यकारी निदेशक रतन केश; और आईएसपी-डीएसपी, दुर्गापुर के कार्यवाहक निदेशक सुरजीत मिश्रा शामिल थे. सभी अतिथियों का संस्थान के निदेशक अरविन्द चौबे ने आभार प्रकट कर सम्मानित किया.

4.0 आत्मनिर्भरता का निर्णायक कदम : सुकांत मजूमदार

सम्मेलन के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए श्री मजूमदार ने कहा कि 4.0 केवल एक तकनीकी क्रांति नहीं , बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है. शिखर सम्मेलन युवा पीढ़ी को अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

राज्य सरकार पर साधा निशाना

सम्मेलन के बाद मीडिया से पूछे गए सवालों पर श्री मजूमदार ने कहा कि राज्य सरकार बेकार हो चुकी है. राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. बढ़ती दुष्कर्म की घटना, काकद्वीप की घटना, पुलिसिया अत्याचार जैसे कई उदाहरण राज्य वासी के समक्ष है. राज्य में रक्षक ही भक्षक बन चुका है. प्रशासन पर अब जनता का भरोसा उठ चुका है. कुल मिलाकर तृणमूल की सरकार पूरी तरह से अपदार्थ हो चुकी है. यह सरकार एक्सपायर हो चुकी है. जनता को ऐसी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए आगे बढ़ना होगा.

सम्मेलन में जिन विषयों पर होगी चर्चा

दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में उद्योग 4.0, आइओटी , सेमीकंडक्टर और क्वांटम नवाचार, ई-मोबिलिटी और हरित ऊर्जा, एम एस एम ई विकास और विकसित भारत 2027 के विजन जैसे प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चाएँ , छात्रों और स्टार्टअप प्रोटोटाइप की प्रदर्शनियाँ, तकनीकी प्रदर्शनियाँ, पेयर (त्वरित नवाचार और अनुसंधान के लिए साझेदारी) इंटरैक्टिव सत्र और प्रमुख उद्योगों और अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर शामिल रहेगी.इसके अलावा पूर्व छात्र उद्यमियों का सम्मान, उद्योग-पूर्व छात्र-छात्र नेटवर्किंग सत्र और संवाद, सहयोग और एकता को बढ़ावा देने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं. सम्मेलन का समापन शनिवार होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >