मुख्य बातें
Bengal News: आसनसोल. हाउसिंग सोसायटी में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुव दास ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के अनन्या हाउसिंग सोसायटी निवासी देवदीप चटर्जी (47) की मौत को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं. ध्रुव दास ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में दोनों पक्षों में से किसी के भी किसी राजनीतिक दल का पदाधिकारी होने की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है.
कहासुनी, बहस और मारपीट
पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुव दास ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि देवदीप चटर्जी किसी बाहर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे. इसी दौरान भगत सिंह मोड़ के पास उनकी आरोपी सुभाजित मंडल के साथ कहासुनी हो गई. इसके बाद देवदीप वहां से वापस हाउसिंग सोसायटी की ओर लौटने लगे. पांच पुलिया के पास दूसरा आरोपी रबीउल आलम मोटरसाइकिल से उनका पीछा करते हुए पहुंचा और उन्हें रोक लिया. वहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो मारपीट में बदल गई. आरोप है कि रबीउल आलम ने देवदीप के साथ मारपीट की और उनका पीछा करते हुए हाउसिंग सोसायटी के गेट तक पहुंच गया. कुछ देर बाद सुभाजित मंडल भी वहां पहुंच गया और दोनों ने मिलकर फिर से देवदीप की पिटाई की. इस हमले में देवदीप गंभीर रूप से घायल हो गए.
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पुलिस ने की थी अस्पताल चलने की पेशकश
पुलिस के अनुसार, घटना के समय देवदीप और रबीउल आलम दोनों ही शराब के नशे में थे. इसी वजह से देवदीप के परिजन उनकी चोट की गंभीरता को समझ नहीं पाए. शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे जब उनकी पत्नी उन्हें उठाने गईं, तो वह अचेत अवस्था में पड़े मिले. इसके बाद हाउसिंग सोसायटी के लोगों की मदद से उन्हें आसनसोल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. डीसी सेंट्रल ध्रुव दास ने बताया कि पुलिस को रात में ही घटना की जानकारी मिल गई थी और पुलिस मौके पर पहुंची थी. पुलिस ने घायल को अस्पताल ले जाने की पेशकश भी की थी, लेकिन परिवार के लोगों ने मना कर दिया, जिसके बाद उन्हें घर पर ही छोड़ दिया गया.
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