सोमवार को दामोदर घाटी निगम(डीवीसी) के डीटीपीएस गेट के पास भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने विरोध प्रदर्शन किया. आरोप लगाया कि डीवीसी अफसरों का एक समूह भ्रष्टाचार व पक्षपात में लिप्त है. प्रदर्शन में संघ के सदस्यों के साथ भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए. इस दौरान गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गयी.
नियुक्ति प्रक्रिया में भेदभाव का इल्जाम
विरोध का नेतृत्व जिला भाजपा प्रवक्ता सुमंत मंडल और डीवीसी यूनिट (बीएमएस) के सचिव यदु यादव ने किया. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन नियुक्ति प्रक्रिया में पक्षपात कर रहा है और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देकर काम पर रखा जा रहा है. सुमंत मंडल ने कहा कि जब बीएमएस समर्थक काम की मांग करते हैं तो अधिकारियों का एक समूह कहता है कि बीएमएस यूनियन का अस्तित्व नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि संबंधित अधिकारियों की कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलें सेवानिवृत्ति के बाद सार्वजनिक की जाएंगी और तथ्यों को जनता के सामने लाया जाएगा.
तृणमूल का पलटवार
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने आंदोलन को निरर्थक बताते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा कि दामोदर घाटी निगम केंद्र सरकार के अधीन संस्था है, ऐसे में भाजपा समर्थकों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन विरोधाभासी है. घटना के बाद डीवीसी गेट के आसपास कुछ समय तक हलचल बनी रही.