आसनसोल.
आसनसोल-दुर्गापुर शिल्पांचल (पश्चिम बर्दवान जिला) से पहली महिला मंत्री बनने का गौरव अग्निमित्रा पाल ने हासिल किया. इससे पहले शिल्पांचल से कोई महिला कभी मंत्री नहीं बनी. शिल्पांचल से माकपा और तृणमूल के नेता मंत्री रह चुके हैं. अलबत्ता, यहां महिलाओं को मुख्य राजनीतिक दल टिकट देने से परहेज ही करते रहे हैं. शिल्पांचल से अग्निमित्रा पाल दूसरी महिला हैं, जो लगातार दो बार विधायक बनी हैं. इससे पहले वर्ष 2011 और वर्ष 2016 में जामुड़िया सीट से माकपा नेता जहांआरा खान लगातार दो बार चुनाव जीत कर विधायक रही हैं. श्रीमती पाल व सुश्री खान के अलावा शिल्पांचल से कोई महिला विधायक नहीं बनी है. अग्निमित्रा पाल की छवि एक फायरब्रांड नेत्री के तौर पर उभरी है, जिसके कारण ही उन्हें भाजपा ने अपना महिला चेहरा के रूप में पेश किया और प्रथम चरण में ही उन्हें मंत्री बनाया. उनके मंत्री बनने से पूरे शिल्पांचल में लोगों की खुशी डबल हो गयी है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निमित्रा को दी थी फायरब्रांड नेता की संज्ञा
वर्ष 2019 में भाजपा में शामिल अग्निमित्रा पाल की लोकप्रियता सात वर्षों में ही चरम पर पहुंच गयी. इसका सबसे बड़ा कारण प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन रहा. श्रीमती पाल के पिता डॉ अशोक कुमार राय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अग्निमित्रा को फायरब्रांड नेता की संज्ञा दी थी. जिसके बाद से ही अग्निमित्रा में लड़ने की क्षमता और जुझारूपन निखर कर सामने आया.
बर्नपुर न्यूटाउन की गलियों में बीता अग्निमित्रा का बचपन
अग्निमित्रा पाल के पिता डॉ. राय सेल आइएसपी में शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक थे और रिटायरमेंट के बाद अभी भी वे इलाके में अपना प्रैक्टिस करते हैं. उन्होंने बताया कि वे बर्नपुर न्यू टाउन इलाके में स्ट्रीट नम्बर 16 के जी-1/1 क्वार्टर में रहते थे. वर्ष 1971 से 1985 तक यहीं रहे, उसके बाद अपना मकान बनाकर आसनसोल अशोक नगर में चले आये.अग्निमित्रा का जन्म यहीं रहते हुए बर्नपुर अस्पताल में हुआ था. उसका बचपन यहीं बीता. न्यूटाउन में संत जोंस प्रायमरी स्कूल में नर्सरी की पढ़ाई की. कक्षा एक से 10 तक संत लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल आसनसोल में, कक्षा 11-12 आसनसोल गर्ल्स कॉलेज में और बॉटनी विषय में ग्रेजुएशन आसनसोल बीबी कॉलेज के बाद बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ लिबेरा आर्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंस से फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा किया, नाइट शिफ्ट में यादवपुर से एमबीए किया. इसबीच शादी भी हो गयी. मुंबई में बड़े-बड़े कलाकारों का ड्रेस डिजाइन किया. विदेशों में भी उनके डिजाइन का अनेकों फैशन शो हुआ है.
