धोखाधड़ी को लेकर मंत्री व मेयर पर अग्निमित्रा हमलावर, पथावरोध से प्रतिवाद

घोटाला. वित्तीय निवेश के नाम पर लोगों से करीब 350 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आसनसोल में आक्रोश

कथित तौर पर तीन हजार लोगों के 350 करोड़ रुपये की हुई है ठगी, पुलिस से बस एक ने ही की है शिकायत पुलिस को मिली है 75 लोगों की सूची, जिसके आधार पर पुलिस कर रही हिसाब का आकलन

आसनसोल. वित्तीय निवेश के नाम पर करीब 350 करोड़ रुपये आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में भाजपा की ओर से राज्य सरकार को घेरने का सिलिसला जारी है. मुख्य आरोपी तहसीन अहमद का पिता शकील अहमद तृणमूल अल्पसंख्यक सेल के जिला उपाध्यक्ष के पद पर थे, जिसके कारण यह मामला राजनीतिक रंग ले लिया है. हालांकि तृणमूल ने शकील अहमद से अपना पल्ला झाड़ लिया है. शुक्रवार को आसनसोल साउथ की विधायक अग्निमित्रा पाल ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर चित्रा मोड़ के पास सड़क अवरोध कर प्रदर्शन किया.

श्रीमती पाल इस मामले में राज्य के मंत्री मलय घटक और आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मंत्री के विधानसभा में यह कांड हो रहा है, जिसकी जानकारी मंत्री को थी. इस घटना की जवाबदेही मेयर की भी है. उनके क्षेत्र में यह कांड हुआ है. सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इतने बड़े घोटाले के बाद भी सरकार मौन है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे तमाशा देख रही थी, आरोपी फरार हो गया. तृणमूल का आरोपी से पल्ला झाड़ लेना समाधान नहीं है, लोगों का पैसा वापस लौटने की प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी. गौरतलब है कि निवेश की गयी राशि पर प्रतिमाह 15 फीसदी ब्याज देने का धमाका ऑफर देकर तहसीन अहमद ने एक-एक करके हजारों लोगों को अपने झांसे में लिया. लोगों की निवेश की गयी कथित तौर पर 350 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी और तहसीन ने लोगों को ब्याज देना बंद कर दिया. जिसके बाद हंगामा शुरू हुआ.

निवेश राशि से तय होती थी ब्याज दर, लोभ में लोगों ने सबकुछ बेच लगाये रुपये

ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि ब्याज कितना फीसदी मिलेगा, यह निवेश की गयी राशि पर निर्भर करता था. 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश पर 20 फीसदी महीना तक ब्याज दिया जाता था. पहले-पहले लोगों ने दो लाख से पांच लाख का निवेश किया. प्रतिमाह ब्याज सही तरीके से मिलने लगा तो फिर लोगों ने अपना सारा कुछ बेचकर 50 लाख रुपये तक निवेश कर दिया. 75 लोगों की एक सूची बनी है, जिसमें मोहम्मद अजरुद्दीन नामक व्यक्ति ने 50 लाख रुपये, कमल हसन ने 42 लाख रुपये, रवींद्र सिंह ने 41 लाख रुपये, मुस्तफा अहमद अरबाज ने 40 लाख रुपये, तारिक अनवर ने 40 लाख रुपये, मुस्तकी अहमद ने 37 ने लाख रुपये, दानिश हसन ने 35 लाख रुपये फैज आमरी ने 25 लाख रुपये, सुभाष साव ने 25 लाख रुपये, मोहम्मद इकबाल ने 24 लाख रुपये, रशीद ने 22 लाख रुपये, सब्यसाची तफादार 21 लाख रुपये, साजिद खान ने 21 लाख रुपये, मोहमद इरफान ने 23 लाख रुपये, गुलफाम 20 लाख रुपये (75 लोगों की सूची में 20 लाख से अधिक निवेश करने वालों का नाम) ने निवेश किया है. हालांकि निवेश की गयी राशि में से मोटी रकम लोगों ने ब्याज के रूप में ले लिया है. सूची में जो रकम है, उसकी पुलिस जांच कर रही है. निवेश की गयी राशि पर ब्याज कितना मिल गया है? सारा आंकड़ा तैयार किया जा रहा है.

पुलिस की जांच शुरू, 75 पीड़ितों की लिस्ट तैयार एक ने की है शिकायत

तहसीन अहमद के झांसे में आकर पैसा निवेश करने वाली एक नम्बर मोहिशिला कॉलोनी की निवासी मौटूषि दत्ता ही एकमात्र पीड़ित है, जिसने इस ठगी को लेकर आसनसोल नॉर्थ थाने में लिखित शिकायत की है. जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई और पुलिस ने जांच शुरू की है. पुलिस पीड़ित लोगों की सूची तैयार कर रही है, अबतक 75 लोगों की जानकारी पुलिस को मिली है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोग शिकायत लेकर नहीं आ रहे हैं, उन्हें अभी भी तहसीन पर भरोसा है कि वह पैसे वापस लौटाएगा. पुलिस में शिकायत करने पर पैसा नहीं मिलेगा. कानून में प्रावधान है कि इस प्रकार के ठगी के मामले में आरोपी की सारी संपत्ति जब्त करके और उसे बेच कर पीड़ितों को पैसा लौटाया जाएगा. जिसे लेकर पीड़ितों की सूची और उनके ठगी के पैसे का आलकन किया जा रहा है. ताकि सही आंकड़ा मिल सके और पीड़ितों को उनका पैसा वापस लौटाया जा सके.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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