अधिकारी आदिवासी गांवों का करेंगे दौरा

एसडीओ और बीडीओ को गांव में जाकर लोगों तक पहुंच बढ़ाने का निर्देश दौरे की सौंपनी होगी रिपोर्ट, जिसके आधार पर तैयार होगी विकास की रूपरेखा आसनसोल : सरकारी परियोजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है या नहीं. परियोजनाओं की सुविधाओं को पाने में लाभुकों को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना करना […]

एसडीओ और बीडीओ को गांव में जाकर लोगों तक पहुंच बढ़ाने का निर्देश

दौरे की सौंपनी होगी रिपोर्ट, जिसके आधार पर तैयार होगी विकास की रूपरेखा
आसनसोल : सरकारी परियोजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है या नहीं. परियोजनाओं की सुविधाओं को पाने में लाभुकों को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना करना पड़ रहा है या नहीं, परियोजनओं की सही जानकारी लोगों को है या नहीं, इन सभी विषयों की जमीनी स्तर पर जांच के लिए जिलाधिकारी शशांक सेठी ने एक रोडमैप तैयार किया है.
जिलाधिकारी ने महकमा शासक (एसडीओ) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) गांवों का दौरा करने का निर्देश दिया है. जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि पहले चरण में अधिकारी जिले के आदिवासी गांवों का दौरा करेंगे और अपनी रिपोर्ट जमा करेंगे.
रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के बाद जिले में वृहत आकार में इस कार्यक्रम को आरम्भ करने का निर्णय लिया जायेगा. दौरे में अधिकारी, जनता की समस्याएं भी सुनेंगे. यदि समस्या स्थानीय अधिकारी के स्तर से सुलझ सकती है तो उसे वहीं सुलझाएंगे. यदि जिला प्रशासन की हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है तो जिलाशासक खुद मामले में हस्तक्षेप कर समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे.
राज्य व केंद्र सरकार की अनेकों परियोजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिसका सबसे बड़ा कारण परियोजनओं की सही जानकारी लाभुकों को नहीं मिलना है. कुछ मामलों में अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही की वजह से लाभुक को परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है. जिले में इस तरह की सभी समस्या को समाप्त कर सरकारी सभी परियोजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाशासक श्री सेठी ने सार्वजनिक पहुंच बढ़ाने के लिए अधिकारियों को मैदान में उतारा है.
जिलाशासक श्री सेठी ने बताया कि वह दुर्गापुर फरीदपुर प्रखंड के इच्छापुर ग्राम पंचायत के बनशोल गांव का दौरा किया, जहां लोगों से विभिन्न सरकारी परियोजनाओं को लेकर चर्चा हुई. सभी परियोजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को नहीं है. कुछ परियोजनाओं का लाभ न मिलने पर लोगों ने शिकायतें भी की हैं.
इसके बाद ही उन्होंने जिले के सभी आठ प्रखंड के बीडीओ और दोनों महकमा के एसडीओ को निर्देश दिया कि वे जिले के आदिवासी गांवों का दौरा कर वहां के ग्रामीणों से सरकारी परियोजनओं छात्रवृति, मिड डे मिल, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), समन्वित बाल विकास योजना (आईसीडीएस), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), स्वास्थ्य साथी, सबुज साथी, बांग्लार आवास योजना, कन्याश्री, शिक्षाश्री, रूपश्री आदि परियोजनाओं तथा जाति प्रमाणपत्र वितरण को लेकर उनसे बात करेंगे.
उन्हें इन परियोजनाओं की जानकारी है या नहीं, इसका लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, उनकी समस्या क्या है? इसकी पूरा रिपोर्ट तैयार करेंगे. लोगों से सुझाव भी लेंगे और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित शिकायतें भी संग्रह करेंगे. जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि प्रथम चरण में जिले के आदिवासी गांवों में यह कार्यक्रम चलेगा.
इस कार्यक्रम के रिपोर्ट के आधार पर जिले में बृहत आकार में इस कार्यक्रम को आरम्भ करने का निर्णय लिया जाएगा. जिलाशासक के निर्देश पर सभी बीडीओ और एसडीओ इस कार्य में जुट गए है. आदिवासी गांवों के दौरा में अधिकारियों को जो जानकारी मिली, उसमें अधिकांश आदिवासियों को सभी सरकारी परियोजनाओं की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे अनेकों परियोजनाओं के लाभ से वंचित रहे. अधिकरियों ने उन्हें परियोजनाओं को लेकर जागरूक किया.

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