जमालपुर थाना इलाके में खेतिहर मजदूर को नहीं मिला घर से संबंधित दस्तावेज
दो दिन से दौड़ रहा था प्रखंड विकास अधिकारी कार्यालय राशन कार्ड बनाने के लिए
बर्दवान : जमालपुर थाना अंतर्गत टांगाबेडिया के गयलापाडा में कमल घोष (55) की असामान्य मौत हो गई. वह पेशे से खेतिहर मजदूर था. परिजनों के अनुसार एनआरसी के आतंक से उसकी मौत हो गई. उसका मूल पैतृक निवास पश्चिम मेदनीपुर के गढबेता में है. रोजगार के लिए उसके पिता भोलानाथ घोष 70 साल पहले जमालपुर के टांगाबेडिया में आ गये थे. मिट्टी के दो कमरों के घर में उसका परिवार रहता है. बेटा सुमंत घोष कोलकाता स्थित निजी कंपनी में कार्यरत है.
बेटी अपर्णा 12वीं कक्षा में पढ़ती है. बड़े भाई ईतल घोष ने बताया कि भाई को कोई बीमारी नहीं थी. एनआरसी लागू होने की आशंका से काफी तनाव में रहता था. घर की जमीन से संबंधित दस्तावेजों की खोज शुरु की थी. कोई कागजात नही मिलने पर वह अधिक परेशान हो गया.
पत्नी संध्या घोष ने बताया कि पति रात में ठीक से सो नहीं पा रहे थे. खाना-पीना भी कमोवेश छोड़ दिया था. गुरुवार को जमालपुर के प्रखंड विकास अधिकारी के कार्यालय में राशन कार्ड बनाने के लिए गया. लेकिन कागजात नहीं रहने पर उसका आवेदन नहीं लिया गया. शुक्रवार को फिर प्रखंड विकास आधिकारी के कार्यालय में गया. अचानक अस्वस्थ हो गया.
चिकित्सक के पास ले जाने पर जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया.जमालपुर पंचायत समिति अध्यक्ष महमुद खान ने बताया कि एनआरसी को लेकर समूचे राज्य में आतंक है, हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होगा. इसके बाद भी ग्रामीणों में आतंक का माहौल है.
