अमरप्रीत हत्याकांड का पुलिस ने किया नाट्य रुपांतरण
आसनसोल : अमरप्रीत कौर हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार सुबह छह बजे कांड से जुड़े पुलिस रिमांड में मौजूद छह आरोपी विजय प्रसाद, आकाश साहा, अलीशा साहा, परवीन राय, दीपिका साहा और सुप्रिय बक्सी को लेकर घटना का नाट्य रूपांतर किया. पुलिस सभी को लेकर कांड के तीनों लोकेशन जहां अमरप्रीत को ले जाया गया […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
आसनसोल : अमरप्रीत कौर हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार सुबह छह बजे कांड से जुड़े पुलिस रिमांड में मौजूद छह आरोपी विजय प्रसाद, आकाश साहा, अलीशा साहा, परवीन राय, दीपिका साहा और सुप्रिय बक्सी को लेकर घटना का नाट्य रूपांतर किया. पुलिस सभी को लेकर कांड के तीनों लोकेशन जहां अमरप्रीत को ले जाया गया था. हीरापुर थाना क्षेत्र के नेपालीपाड़ा में आकाश साहा की दीदी अलीशा साहा के घर गयी. अमरप्रीत को 10 अगस्त को सबसे पहले यहीं लाया गया था.
यहां से चेलीडांगा स्तिथ आकाश के घर गयी. जहां अमरप्रीत को ग्यारह तारीख को लाया गया था. उसके उपरांत अपकार गार्डेन के गैरेज में गयी जहां उसकी हत्या 12 अगस्त को की गयी थी. पुलिस अपकार गार्डेन के उस स्थान पर भी सभी को लेकर गयी जहां अमरप्रीत के शव को फेंका गया था. अमरप्रीत के अपहरण से लेकर उसकी हत्या करने तक आरोपियों ने अपनी भूमिका को पुलिस का नाट्य रूपांतरण किया. इस दौरान खुफिया विभाग के निरीक्षक देवज्योति साहा, आसनसोल साऊथ थाना प्रभारी सुदीप्त प्रामाणिक और आसनसोल साउथ पीपी के प्रभारी अमित हालदार मौजूद थे.
गौरतलब है कि इसीएल कर्मी व धेमोमेन निवासी बलकार सिंह के एकमात्र पुत्री का अपहरण 10 अगस्त को हुआ.आसनसोल चेलीडांगा से अपराह्न तीन बजे जब वह ट्यूशन पढ़कर घर वापस लौट रही थी, उसी दौरान उसके स्कूली मित्र आकाश और विजय ने उसे फोन कर बुलाया. उन पर भरोसा कर अमरप्रीत उनसे मिलने के लिए बलतोड़िया बस स्टैंड पर उतर गयी. यहां से दोनों अमरप्रीत को लेकर नेपालीपाड़ा में स्थित आकाश की दीदी और जीजाजी अलीशा व परवीन के घर गये. आरोपियों ने बताया कि उसे बेहोशी की दवा दी गयी. यहां पर किसी खतरे को भांपते हुए अमरप्रीत को ग्यारह तारीख को चेलीडांगा में आकाश के घर पर शिफ्ट किया गया.
इसके लिए सुप्रिय बक्सी की कार का उपयोग किया गया. आकाश ने ही अमरप्रीत के मोबाइल फोन से उसके पिता को फिरौती की राशि की मांग एसएमएस भेजकर की. पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए 12 अगस्त की रात को अमरप्रीत को आकाश के घर से निकालकर अपकार गार्डन के एक गैरेज में लाया गया जहां रात ग्यारह बजे के बाद उसकी हत्या कर शव को डस्टबिन में फेंक दिया गया.