इसके पहले भोजपुर से गिरफ्तार हो चुका है उसका सहयोगी अविनाश चौधरी
पूछताछ में स्वीकारा- 19 को अमित, दीपक के साथ पीयरो गया था राशि लाने
14 दिनों के रिमांड में होगी पूछताछ, भोपाल सेंट्रल जेल से जुड़े मामले के तार
पटना में निर्माणाधीन कनिष्का अपार्टमेंट किया गया सील, वहीं रहे थे अपहृत
आसनसोल/रूपनारायणपुर/बराकर : बराकर निवासी उद्योगपति तेजपाल सिंह और उसके कार चालक चिरकुंडा निवासी रवि कुमार अपहरण कांड में सीआईडी टीम ने पटना एसटीएफ की मदद से पटना से छात्र राजद के नेता राहुल कुमार उर्फ केशव को गिरफ्तार किया. उसे गुरूवार को आसनसोल जिला कोर्ट के सीजेएम के समक्ष पेश किया गया.
जांच अधिकारी ने 14 दिनों की रिमांड की अपील की. जिसे स्वीकार कर लिया गया. इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है. इसके पहले गिरफ्तार अविनाश चौधरी पहले से ही सीआइडी की रिमांड में है. इसके तार भोपाल सेंट्रल जेल में बंद शैलेन्द्र सिंह से भी जुड़ते दिख रहे हैं.
औरंगाबाद जिला में फेशर थाना अंतर्गत सोहरिया गांव के निवासी राहुल पटना के कंकड़बाग इलाके में शिवाजी पार्क के डी-28 आवास में रहता है. वह द्वारिका कॉलेज का छात्र है और छात्र राजद से छात्र यूनियन का चुनाव भी लड़ चुका है. बुधवार को पटना अशोकनगर इलाके से सीआईडी के निरीक्षक राजश्री बनर्जी ने उसे गिरफ्तार किया.
पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि बीते 19 मई, 2019 को तेजपाल और रवि को मुक्त करने के लिए फिरौती की राशि लेने राहुल भोजपुर जिला के शिकरहट्टा थाना अंतर्गत पियरो विशुनपुरा रोड में आया और पैसा लेकर वापस पटना लौट गया था. उसके साथ अभिषेक चौधरी, पटना डिफेंस कॉलोनी निवासी अमित कुमार और उसके घर का किरायेदार दीपक कुमार भी शामिल था. सभी अपने मित्र रवि कुमार की क्रेटा कार लेकर पैसा लाने गये थे. पैसा लाकर पटना में गिरोह सरगना को सौंप दिया था.
मामले का फ्लैश बैक
बराकर निवासी उद्योगपति जोगिंदर सिंह का सालानपुर थाना अंतर्गत नेकडाजोड़िया में आसनसोल एलॉय स्टील प्लांट है. उनका पुत्र तेजपाल 17 अप्रैल, 2019 को अपने कार चालक रवि के साथ सुबह 11 बजे घर से कारखाना के लिए रवाना हुआ. कारखाना के मुख्य द्वार से सौ मीटर की दूरी पर पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उनकी कार को रोका. अपराधी सिविक वोलेंटियर के पोशाक पहने हुए थे. कार रूकते ही अपराधी जबरन उनकी कार में सवार हो गए और कार के साथ उन दोनों को लेकर झारखंड में प्रवेश कर गये.
परिजनों ने जब तेजपाल से मोबाइल फोन पर सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उनका फोन बंद मिला. कारखाना में फोन करने पर पता चला कि वे लोग कारखाना आये ही नहीं. घटना के कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी सूचना कारखाना में देने के बाद पता चला कि तेजपाल का अपहरण हो गया है.
तेजपाल के पिता श्री सिंह ने इस घटना की शिकायत सालानपुर थाने में दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर सालानपुर थाना कांड संख्या 51/2019 में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 के तहत मामला दर्ज हुआ. 21 मई, 2019 को तेजपाल और रवि को उसके घरवाले वापस लेकर आये. सूत्रों के अनुसार फिरौती की राशि भुगतान होने के बाद दोनों को बरही में जीटी रोड पर मुक्त किया गया..
कुख्यात शैलेन्द्र की संलिप्तता संभव
भोपाल सेंट्रल जेल में बंद औरंगाबाद जिला के मदनपुर थाना अंतर्गत पतौरी गांव निवासी शैलेन्द्र सिंह की संलिप्तता मामले में सामने आई है. सीआईडी की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में जाकर उससे पूछताछ भी की है. उससे मिली जानकारी में गिरोह के कई सदस्यों के नाम सामने आये हैं. सीआइडी उनकी तलाश कर रही है.
राहुल ने दी पूरी जानकारी
उसने बताया कि 19 मई को पटना से चार सदस्यों का टीम पियरो विशुनपुरा रोड से फिरौती की एक करोड़ रुपया की राशि लेकर पटना लौटी. अभिषेक टीम से अलग हो गया. राहुल, अमित और दीपक उसके औरंगाबाद गए. वे लोग बाइक से ही नासरीगंज घूमने गए. 20 मई को तीनों सासाराम में बारात में भी शामिल हुए. सीआईडी की टीम ने बीते सात जुलाई को बिहार के भोजपुर जिले के बिरमपुर इलाके से अभिषेक चौधरी को गिरफ्तार किया था. इस पूरे कांड में दीपक कुमार, अमित कुमार की तलाश की जा रही है. सबचना है कि सीआईडी ने कनिष्का अपार्टमेंट को सील कर दिया है. दावा है कि अपहरण के बाद इसी में दो अपहृतों को रखा गया था.
