होटल व्यवसायियों पर लादे गये नियम, भारी आक्रोश

आसनसोल : लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला में सुरक्षा को लेकर पुलिस कमीश्नरेट ने होटल व्यवसायियों पर नये सॉफ्टवेयर के जरिये ग्राहकों की जानकारी पुलिस को अप टू डेट करने को लेकर रविवार को शरत मंच में बैठक की. इससे होटल व्यवसायी काफी हताश है. विशेषकर छोटे होटल मालिकों के लिए मुसीबत आ गई है. […]

आसनसोल : लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला में सुरक्षा को लेकर पुलिस कमीश्नरेट ने होटल व्यवसायियों पर नये सॉफ्टवेयर के जरिये ग्राहकों की जानकारी पुलिस को अप टू डेट करने को लेकर रविवार को शरत मंच में बैठक की. इससे होटल व्यवसायी काफी हताश है.
विशेषकर छोटे होटल मालिकों के लिए मुसीबत आ गई है. डीसीपी (मुख्यालय) कुमार गौतम, एसीपी (एसबी) बप्पादित्य, एसीपी (एपी) कैलाशपति महतो, पुलिस के अन्य वरीय अधिकारी, आसनसोल होटल ऑनर एसोसिएसन के प्रतिनिधि, दुर्गापुर होटल एसोसिएसन के प्रतिनिधि, बार मालिक, ढाबा मालिक उपस्थित थे. बैठक में निजी कंपनी के सॉफ्टवेयर का डेमो भी दिया गया.
जिले में सुरक्षा को लेकर होटल व्यवसायियों को रोजाना दोपहर बारह बजे तक अपने ग्राहकों का सारा डाटा स्थानीय थाने में मेल के जरिये भेजनी होती थी. मेल न होने पर हार्ड कॉपी देनी होती थी. इसके आधार पर पुलिस ग्राहकों में कोई अपराधी है या नहीं इसकी जांच करती थी.
रविवार को लोकसभा चुनाव के मुद्दे को लेकर पुलिस द्वारा बुलाई गई बैठक में होटल मालिकों को कहा गया कि अब से उन्हें टेक्निक्स इंडिया डॉट कॉम सॉफ्टवेयर के जरिये ग्राहकों के फोटो के साथ उसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलोड करना होगा.
इस सॉफ्टवेयर का वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस तीन हजार रुपया है और प्रति तिमाही में पांच सौ भुगतान करना होगा. यह साफ्टवेयर कैसे कार्य करेगा, कंपनी अधिकारियों ने इसका डेमो भी दिखाया. यह सॉफ्टवेयर तीन दिन के अंदर लेना होगा.
जो यह साफ्टवेयर का उपयोग नहीं करेंगे उन्हें सुबह आठ बजे तक ग्राहक के फोटो के साथ उसका सम्पूर्ण विवरण का हार्ड कॉपी स्थानीय थाने में, एडीसीपी कार्यालय में और स्पेशल ब्रांच कार्यालय में भेजनी होगी. चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा व्यवसायियों पर इस तरह जबरन किसी निर्णय को लादने से व्यवसायी काफी हताश है. जो छोटे होटल मालिक है.
जिनके पास कम्प्यूटर नहीं है. उन्हें प्रतिदिन सुबह आठ बजे के पहले पुलिस के उक्त तीन कार्यालय में जाकर कागजात जमा देना होगा. यह किसी सजा से कम नहीं है. सॉफ्टवेयर लेने के बाद भी वेब कैम लगानी होगी ताकि ग्राहकों का फोटो लिया जा सके.
पुलिस के निर्देश के अनुसार तीन दिन में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी. कुछ व्यवसायी इस बात की भी जानकारी ले रहे है कि यदि यह चुनाव आयोग का नियम है तो पूरे देश में एक ही नियम लागू होगा. यदि ऐसा नहीं है तो पुलिस व्यवसायियों को बेवजह परेशान कर निजी कम्पनी को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही है. इसे लेकर होटल व्यवसायियों में काफी रोष है.

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