आद्रा : पुरुलिया जिले के बड़ाबाजार थाना अंतर्गत सोनाडूंगरी गांव का निवासी संतोष महतो पिछले 10 जनवरी से लापता था. रविवार की देर शाम पुलिस ने उसे टोकोरिया मोड़ में बस से बरामद किया. सोमवार को उसे पुरुलिया जिला अदालत में पेश किया गया. कोर्ट के आदेश पर उसे परिजनों को सौंप दिया गया.
मालूम हो कि पिछले नौ जनवरी को व्यवसायिक कार्य से वह पिकअप वैन लेकर पुरुलिया आया था. इसके बाद वह घर नहीं लौटा. 10 जनवरी को घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर पिकअप वैन बरामद की गई.
उस पर पोस्टर टांगा गया था कि – तुम लोगों ने हमारे कार्यकर्ता का अपहरण किया है, इसलिए तुम्हारे कार्यकर्ता को अपहरण कर रहे हैं. तुम लोगों के पास बहुत पैसा है. 30 लाख रुपये देकर कार्यकर्ता को छुड़ा ले जाओ.जय श्री राम’. इस घटना के बाद पूरे पुरुलिया जिले के साथ-साथ राज्य में राजनीतिक सनसनी फैल गई.
जिला स्तर से राज्य स्तर के तृणमूल नेताओं ने उनके कार्यकर्ता संतोष महतो को अपहरण करने के पीछे भाजपा का हाथ होने का दावा किया. तृणमूल बड़ाबाजार प्रखंड अध्यक्ष सुदर्शन महतो ने कहा कि पुलिस सच्चाई को सामने लाये. भाजपा के जिला सचिव विवेकानंद पात्र ने दावा किया कि इसमें भाजपा की कोई संलिप्तता नहीं थी. तृणमूल की नाटकबाजी सामने आ गई है.
