पानागढ़ : बीरभूम जिले के सिउड़ी थाना अंतर्गत चांदनीपाड़ा में नारायणी दास (80) की मौत हो जाने के बाद उसकी पुत्री लखीप्रिया दास तथा पुत्र सेवप्रिय दास ने घर में ही शव को दफना दिया. इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की है. दोनों से पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं.
बड़ी बेटी लखीप्रिया ने बताया कि उनकी मां का हार्ट अटैक होने से बीते नौ दिसंबर को मौत हो गयी. कहीं से कोई मदद नहीं मिलने पर उसने अपने भाई की मदद से घर में ही एक मजदूर बुलाकर 500 रुपये देकर गड्ढा खोदकर मां के शव को दफना दिया. सात दिसंबर को नारायणी देवी ने बैंक से पेंशन राशि निकाली थी.
इधर, पड़ोसियों का कहना है कि परिवार के सदस्य आमतौर पर पड़ोस में किसी से बात नहीं करते हैं. पुलिस इसकी जांच कर रही है कि वृद्धा की स्वाभाविक मौत हुई है या उसके साथ कोई दुर्घटना हुई है. शव दफनाने से पहले उसकी जांच किसी चिकित्सक से करायी गयी थी या नहीं. शव को निकालने के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
