सांकतोड़िया : ईसीएल में आठ व नौ जनवरी को प्रस्तावित दोदिवसीय हड़ताल की तैयारी सीटू ने शुरू कर दी. ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) के महासचिव डीडी रामानंदन ने कहा कि केंद्र सरकार की लगातार मजदूर विरोधी नीतियों की वजह से हड़ताल करनी पड़ रही है. निजीकरण, विनिवेश, मजदूरों की सुविधाओं में कटौती पर सरकार ज्यादा ध्यान दे रही है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 252 पब्लिक सेक्टर की 58 फीसदी निजीकरण कर दिया है. कानून में बदलाव कर यूनियनों को कमजोर किया जा रहा है. श्रम कानून में संशोधन से उद्योगपतियों को एकतरफा निर्णय लेना आसान हो रहा है.
बंद करने साजिश रच रही है, इससे खदान में कार्यरत मजदूरों के समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी. उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग में हड़ताल को सफल बनाकर केंद्र को झुकाना होगा अन्यथा कोयला मजदूरों का भविष्य खत्म करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी.
