रानीगंज : महावीर कोलियरी अन्तर्गत साई मंदिर के नजदीक बजरंगबली शिव मंदिर में श्री कृष्णानंद शास्त्री महाराज के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा सुनकर भक्तगण भाव विभोर हो उठे. कृष्णानंद शास्त्री ने कहा कि कथा की सार्थकता तब ही सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन में, व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुये अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर आत्मा का कल्याण करें अन्यथा यह कथा केवल मनोरंजन (कानों) के रस तक ही सीमित रह जायेगी.
भागवत् कथा से मन का शुद्धिकरण होता है. इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है. इसलिए निरंतर हरि स्मरण, भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है. श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है.
यहां अन्य युगों में धर्म, लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिये प्रयास करने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि कलयुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है. सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जागृत हो जाता है. कथा कल्पवृक्ष के समान है. इससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है. मौके पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक नवल किशोर शर्मा ने कहा कि यह मंदिर 75 वर्ष पुराना है.
प्राचीन बजरंगबली मंदिर के कारण ही इस पूरे क्षेत्र को महावीर कोलियरी के नाम से जाना जाता है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष श्रीमद्भागवत का आयोजन किया जाता है. इसमें आसपास के पूरे क्षेत्र से हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित होते हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में श्याम प्रसाद, कुसुम शर्मा, मदन शुक्ला सहित कई लोग उपस्थित थे.
