दुर्गापुर : कोलकाता सीआईडी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरूवार को छापेमारी करते हुये दुर्गापुर के बेनाचिति स्थित अन्नपूर्णा नगर इलाके से शैलेन गोराई को गिरफ्तार किया. आरोपी को पूछताछ के लिये दुर्गापुर थाना भेजा गया जहां सीआईडी की टीम आरोपी से पूछताछ करने में जुट गई है.
उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने 13 अगस्त को बेनाचिति के उत्तर पल्ली इलाके से तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था. पकड़े गये अपराधियों के पास से 280 ग्राम हेरोइन (ड्रग्स), सात राउंड कारतूस एवं चार पिस्तौल बरामद किये गये थे. पकड़े गये अपराधियों में झारखंड के जमशेदपुर निवासी रवि चौरसिया, जितेन कुमार तथा बिहार के पटना निवासी अजीत कुमार शामिल थे. सीआईडी अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए अपराधी दुर्गापुर में किसी नामी व्यक्ति को हत्या करने के इरादे से एकत्र हुए थे.
सभी पेशेवर शूटर हैं, इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई अपराधिक मामले दर्ज किये गये हैं. तीन अपराधियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था, पकड़े गये अपराधियो की निशानदेही पर ही टीम ने चौथे अपराधी शैलेन गोराई को गिरफ्तार किया है. वर्ष 2015 में रवि चौरसिया के साथ मिलकर शैलेन ने एक हत्याकांड को अंजाम दिया था. विभाग को काफी दिनों से इसकी तलाश थी. रवि चौरसिया कुछ दिन पहले बेनाचिति के उत्तरपल्ली निवासी सुनील घोष के घर पर किराये के मकान में रहने आये थे.
रवि दुर्गापुर में कोई आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था. कोलकाता सीआईडी को इसकी भनक लग चुकी थी. अपराधियों को पकड़ने के लिये आधा दर्जन टीम के सदस्य दुर्गापुर में डेरा जमाये हुये थे. टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुदीप गांगुली कर रहे थे. टीम ने बताया कि रवि चौरसिया के खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या, डकैती, छिनतई समेत 40 से अधिक मामले दर्ज हैं. सूचना थी कि रवि 25 लाख रुपये की सुपारी लेकर दुर्गापूर में किसी नामी व्यक्ति की हत्या की फिराक में था. इसकी भनक विभाग को लग चुकी थी. मामले में चौथी गिरफ्तारी शैलेन गोराई के तौर पर हुई है.
