बांकुड़ा : दहेज के लिये गृहवधू श्रावणी दे (22) को प्रताड़ित करने तथा उसे आत्महत्या के लिये विवश करने के आरोप में बांकुड़ा जिला अदालत ने पति प्रशांत दे तथा सास मधुमिता दे को सात साल कैद की सजा सुनायी. जन अधिवक्ता अरूण चटर्जी ने बताया कि ओंदा थाना के बारूईपाड़ा बाशिंदा श्रावणी दे (22) के साथ बेलियातोड़ थाना के बारबेंदा ग्राम के बाशिंदा प्रशांत दे का करीब तीन वर्ष पहले विवाह हुआ था.
विवाह के तीन महीने के बाद से ही श्रावणी पर दहेज के लिये ससुराल वाले अत्याचार करने लगे. इससे उबकर उसने कीटनाशक खा लिया. गंभीर अवस्था में उसे बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. वहां उसकी मौत हो गयी. मृतका के मामा संजय दत्त ने पति प्रशांत दे, सास मधुमिता एवं ससुर सुखमय के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.
लंबे समय से मामला चल रहा था. मंगलवार को उन्हें बांकुडा जिला अदालत में पेश किया गया. जिला न्यायाधीश आनंद कुमार मुखर्जी ने पति एवं सास को 498 के तहत एक वर्ष की कैद, तीन हजार जुर्माना तथा 304( बी) के तहत सात वर्ष कैद की सजा सुनाई. दोनों ही सजा साथ चलेगी. सबूत के अभाव में ससुर को निर्दोष करार देते हुए छोड़ दिया गया.
