बर्नपुर : हीरापुर थाना अंतर्गत नवाघांटी निवासी तथा डाक बम विजय सिंह की हत्या उसकी पत्नी राजनंदिनी देवी तथा उसके प्रेमी गुलशन कुमार ने की. इसे अंजाम देने में गुलशन को दो मित्रों ने सहयोग किया. सूइसा थाना पुलिस ने गुलशन के दो सहयोगियों आकाश कुमार व विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है.
बांका के पुलिस अधीक्षक चंदन कुशवाहा ने कहा कि मुख्य आरोपी गुलशन कुमार तथा उसके सहयोगी मनीष सिंह उर्फ संटी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम कोलकाता जा रही है. जबकि उसकी पत्नी को परिजनों के साथ बुलाया गया है. सनद रहे कि विजय की हत्या सूइया थाना अंतर्गत कांवरिया पथ के नीमाटांड़ में गत 26 जुलाई की रात्रि हुई थी.
पत्नी राजनंदनी की है संलिप्तता
विजय तथा राजनंदनी सिंह की शादी गत 10 फरवरी, 2018 को हुई थी. शादी के पहले से ही राजनंदनी एवं हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त गुलशन के बीच प्रेम चल रहा था. दोनों एक दूसरे से शादी को तैयार थे. लेकिन परिवार की सहमति नहीं रहने के कारण शादी नहीं हो पायी. शादी के बाद भी राजनंदनी व गुलशन में बात होती थी. दोनों ने रास्ता साफ करने की नियत से ही विजय की हत्या का षडयंत्र रचा. 25 जुलाई को ही गुलशन अपने गांव खड़गपुर (मुंगेर) आ गया.
गुलशन को राजनंदनी ने जानकारी दी थी कि वह जल उठाने सुल्तानगंज आ रहा है. 26 जुलाई को गुलशन अपने साथी आकाश, विपिन एवं संटी उर्फ मनीष के साथ रात्रि साढ़े नौ बजे जिलेबिया मोड़ पहुंचा. जिलेबिया व कौआदह के बीच सुनसान जगह नीमाटांड़ में विजय के पेट में चाकू घोंप दिया. अंजाम देने के बाद सभी हत्यारे अपने-अपने गांव चले गये. घटना के दिन भी राजनंदनी एवं गुलशन के बीच मोबाइल पर बातचीत होती रही. राजनंदनी अपने पति से बातचीत करके लोकेशन लेती थी और इसकी पूरी जानकारी अपने प्रेमी गुलशन को दे रही थी.
क्या कहा पुलिस अधीक्षक ने
पुलिस अधीक्षक श्री कुशवाहा ने कहा कि हत्याकांड का उद्भेदन पुलिस ने तीन दिनों में कर लिया. दो अभियुक्तों को पुलिस ने दबोचा है. जिसमें मुंगेर जिला के खड़गपुर गांव निवासी आकाश तथा विपिन शामिल हैं. गुलशन एवं संटी (ग्राम खड़गपुर, मुंगेर) गिरफ्त से बाहर है. जिसकी गिरफ्तारी के लिये गठित एसआइटी टीम कोलकाता रवाना हो चुकी है.
गिरफ्तारी में बेलहर एसडीपीओ विनोद कुमार गुप्ता, कटोरिया थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, सूइया थानाध्यक्ष निलेश कुमार, आनंदपुर ओपी प्रभारी रविशंकर कुमार, साइबर सेल के रवि कुमार आदि की भूमिका अहम रही. उन्होंने कहा कि कांड का उद्भेदन वैज्ञानिक व तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से किया गया.
देवर के साथ राजनंदिनी सुईया रवाना
इधर सोमवार को राजनंदनी को सुईया थाना में बुलाया है. जिसके बाद विजय के भाई अमित सिंह, चाचा नगेन्द्र सिंह, गंगा महतो उसे लेकर सुबह नौ बजे रवाना हुये. भाई अजय ने बताया कि विजय का विवाह 10 फरवरी को धूमधाम से हुआ. विवाह के बाद होली के पश्चात् विजय रोजगार की तलाश में अहमदाबाद (गुजरात) चला गया.
उसके बाद उसकी पत्नी अपने मायके रामबांध सोनार पट्टी चली गयी. उसके पिता वचन सिंह सोनार पट्टी में रहते थे. विजय पांच जुलाई को चार बजे अहमदाबाद से लौटकर घर पहुंचा. वहां से 4.30 बजे विजय रामबांध अपने ससुराल पहुंच गया. 20 दिनो तक रामबांध में रहने के बाद 25 जुलाई को वह डाक बम के लिये सुबह 10 बजे रवाना हुआ. वह पिछले सात वर्षो से सावन के महीने में बैधनाथ धाम डाकबम जलाभिषेक के लिए जाता रहा था. इस वर्ष भी डाक बम में जाने के क्रम में सुईया पहाड के पास चाकू से उसकी हत्या कर दी गयी.
