बेटी को दिया मां का आंचल, दंपती को एक साथ रहने की सलाह

न्यायाधीश के आदेश का तुरंत पालन हुआ और मां से दूर रह रही बेटी को मां का आंचल मिल गया. उस मासूम को पता ही नहीं है कि उसके मां-बाप के बीच चल रहा विवाद उसके प्यार के बीच दरार बन गया है.

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट में दंपती के बीच घरेलू विवाद संबंधी मामले की सुनवाई चल रही थी. इस बीच, अदालत में पिता की गोद में आयी बेटी, मां को देखकर बार-बार उसके पास जाने की जिद करने लगी. बेटी की गुहार पर न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने आदेश दिया कि बेटी मां की गोद की हकदार है. यह उसका हक है, इसलिए उसे जाने दिया जाये. न्यायाधीश के आदेश का तुरंत पालन हुआ और मां से दूर रह रही बेटी को मां का आंचल मिल गया. उस मासूम को पता ही नहीं है कि उसके मां-बाप के बीच चल रहा विवाद उसके प्यार के बीच दरार बन गया है. मामले की सुनवाई के दौरान बेटी को बार-बार मां के साथ रहने की जिद करता देख न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने उसे मां की गोद में रहने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई मंगलवार को करने का निर्देश दिया. तब तक बेटी मां के पास ही रहेगी. उन्होंने दंपती को बेटी की खातिर आपसी विवाद मिटा कर साथ रहने की सलाह दी. गौरतलब है कि शुक्रवार को कलकत्ता हाइकोर्ट में बजबज के एक दंपती के विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने यह आदेश दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >