निचले इलाके व कच्चे घरों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया संवाददाता, हावड़ा चक्रवाती तूफान रेमाल का असर ग्रामीण हावड़ा में भी दिखा. प्रशासन ने चक्रवात से निबटने की पूरी तैयारी की थी. रविवार को यहां 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. इससे पहले ही, ग्रामीण हावड़ा के कई इलाकों (श्यामपुर, उलबेड़िया, आमता व बागनान) को ””””””””रेड जोन”””””””” ”””””””” के रूप में चिह्नित किया गया था. विभिन्न ब्लॉक के कर्मचारियों और पदाधिकारियों की छुट्टी रद्द कर उन्हें दो दिनों तक कार्यालय में रहने को कहा गया था. एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन समूह की टीम ने मोर्चा संभाल लिया था. हुगली, दामोदर और रूपनारायण नदी के किनारे रहने वाले लोगों को माइकिंग के जरिये सतर्क किया गया था. इस दौरान कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को स्कूलों में ठहराया गया. प्रशासन की तरफ से इन लोगों के लिए पेयजल और खाने की व्यवस्था की गयी थी. चक्रवात के कारण भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए सिंचाई, निर्माण और बिजली विभाग ने भी पूरी तैयारी की थी. उलबेड़िया नगरपालिका के चेयरमैन अभय दास ने भी कहा कि स्थिति से निबटने के लिए पूरी तैयारी की गयी थी. कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं. सोमवार तक बंद रहेगी फेरी सेवा एहतियात के तौर पर हुगली नदी जलपथ परिवहन समवाय समिति ने चक्रवाती तूफान को देखते हुए सोमवार तक फेरी सेवा बंद कर दी. सभी घाटों पर लॉन्च सेवा बंद होने की सूचना नोटिस लगाकर दे दी गयी. छोटे और बड़े स्टीमरों को रस्सी से बांध कर रखा गया था. अलर्ट पर हावड़ा नगर निगम भी चक्रवाती तूफान रेमाल को लेकर हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) भी अलर्ट पर रहा. इस दौरान आपदा प्रबंधन टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्व का निर्वाह किया. गौरतलब है कि निगम की ओर से 72 घंटे के लिए कंट्रोल रूम खोला गया है, जिसका नंबर 6292232870 है. निगम के प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुजय चक्रवर्ती ने बताया कि निगम ने आठ स्कूलों में जरूरतमंदों लोगों को ठहराया. निगम की ओर से इनके लिए पेयजल और खाने की भी व्यवस्था की गयी. 67 पंप और छह मोबाइल पंप की मदद से पानी को निकालने की व्यवस्था की गयी. जल-जमाव होने पर मैनहोल को खोलकर स्थिति नियंत्रित की गयी.
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