रानीगंज . थाना अंतर्गत वार्ड नंबर 93 के तारबंग्ला राजपाड़ा इलाके स्थित बिशु लाहा के लाहा डेकोरेटर्स के गोदाम में रविवार दोपहर को आग लगने से इलाके में अफरा तफरी मच गयी. खबर पाकर रानीगंज दमकल के दो इंजन और आसनसोल से दो इंजन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का कार्य आरंभ किया. आग लगने का कारणों का पता नहीं चल पाया है. हालांकि लाहा डेकोरेटर्स में कार्य करने वाले कर्मचारी प्रकाश मंडल ने बताया कि दोपहर वह और उनके साथी खाना खाकर गोदाम में सो रहे थे कि अचानक गोदाम के भीतर से एक जगह से धुआं निकलता दिखा. जब तक वे कुछ समझ पाते तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. दूसरी ओर गोदाम के पिछले हिस्से में मौजूद मुंगेरी खटाल में रहने वाले गुरुदेव यादव, अशोक यादव मदन यादव ,जितेंद्र यादव, लालू यादव के घर आग की चपेट में आ गये. लालू यादव का घर पूरी तरह से जल गया. भूली यादव इस घटना को देख कर दो घंटे हो गयीं. वहीं डेकोरेटर के गोदाम में चौकी, बेंच, टेबल कारपेट सहित अन्य सामग्री थी. लाखों रुपये की सामग्री जल कर राख हो गयी. लाहा डेकोरेटर के मैनेजर सुब्रत पाल ने बताया कि आग लगने का कारण और इससे हुए नुकसान को बता पाना मुश्किल है. वहीं खबर पाकर रानीगंज बोरो अध्यक्ष मुजम्मिल शहजादा एवं वार्ड नंबर 93 के पार्षद आलोक बोस घटनास्थल पर पहुंचे. दमकल विभाग के अधिकारी राजू खान ने बताया कि शायद शॉर्ट सर्किट के कारण यह आग लगी. सीसीटीवी के फुटेज से सही जानकारी मिल सकती है. हालांकि यह भी माना जा रहा है कि शाद किसी ने गोदाम में जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंका जो ज्वलनशील पदार्थ की चपेट में आ गया. रानीगंज के सबसे पुराने डेकोरेटर में एक लाहा डेकोरेटर रानीगंज के सबसे पुराने डेकोरेटर में लाहा डेकोरेटर को माना जाता है. 41 वर्ष पूर्व पहले यह डेकोरेटर का गोदाम थाना मोड़ के समीप हुआ करता था. पर बीते कुछ वर्ष पहले ही इस डेकोरेटर का गोदाम राज पाड़ा में बनाया गया था. अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था थी या नहीं यह जांच का विषय रानीगंज के तार बांग्ला राज पाड़ा में स्थापित इस डेकोरेटर के गोदाम में आग को बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था थी या नहीं इसकी जांच भी दमकल विभाग द्वारा की जायेगी. हालांकि डेकोरेटर कंपनी के मालिक बिशु लाहा ने बताया कि आग निरोधक यंत्र की व्यवस्था तो थी, पर दोपहर का समय होने के कारण कर्मी भोजन करने गये थे. जिसके कारण ही शायद यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सका. लोगों का कहना है कि समय रहते ही दमकल के चार इंजन पहुंच गये अन्यथा और बड़ा हादसा हो सकता था.
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