बंगाल के जामाई बाबू के लिए उपहार किट बना रहे हैं जेल के कैदी
किट में मौजूद होगा एक हैंड प्रिंटेड साड़ी, एक पंजाबी का सेट, छतरी व हाथों से निर्मित पंखा
क्वालिटी के आधार पर तय की गयी है किट की कीमत
प्रेसिडेंसी जेल में तैयारियों में जुटी आर्ट फोरम की टीम
विकास गुप्ता
कोलकाता : बंगाल के प्रमुख त्योहारों में से एक जमाई षष्ठी में बस कुछ ही दिन शेष रह गये हैं. इस दिन सास अपने प्यारे जमाई (जामाई बाबू) को घर बुला कर उन्हें मनमोहक व्यंजन खिलाने के बाद उन्हें वस्त्र देकर इस त्योहार को मनाती है. इस वर्ष इस त्योहार को विशेष तरीके से मनाने के लिए महानगर की जेलों में बंद कैदियों ने इसके लिए अनोखी तैयारी शुरू कर दी है.
प्रेसिडेंसी जेल सूत्रों के मुताबिक, जामाई षष्ठी को लेकर इस जेल में दर्जनभर कैदी ऐसा किट तैयार कर रहे हैं, जो सास अपने जमाई को उपहार में दे सकेंगी. प्रेसिडेंसी जेल में आर्ट फोरम की टीम की मदद से गोविंद राना, आख्तर अली, जामिल अख्तर समेत दर्जनभर कैदियों को लेकर उनकी कला को कपड़ों में उतराने का काम किया जा रहा है.
कैदी कैसे किट को बेचेंगे : जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जेशप बिल्डिंग में जेल दफ्तर में इस किट के बारे में जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसके अलावा प्रेसिडेंसी जेल के बाहर वेलफेयर आॅफिस में इस किट को लोग हासिल कर सकते हैं. क्वालिटी के आधार पर ग्राहक अपने मनपसंद किट को यहां से खरीद सकेंगे.
क्या है इसका उद्देश्य : जेल के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि समय के फेर में पड़ कर समाज के यह लोग गुनहगार बने हैं, लेकिन सुधारगृह में वह सुधरना चाहते हैं और आम लोगों की जिंदगी में फिर से खुद को खड़ा देखना चाहते हैं. उनकी इसी कोशिश में साथ देने के लिए उनसे इस तरह का कार्य करवाया जाता है. ऐसा करने पर इनके द्वारा निर्मित सामान को लोगों द्वारा खरीदने के बाद इसे बनाने वाले कैदियों का एक तरफ उत्साह बढ़ेगा और वे भी खुद को समाज का हिस्सा समझेंगे.
