कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे के ठीक एक दिन पहले उत्तर बंगाल में निवेशकों को आकर्षित करने व लंबित योजनाओं को जल्द से अनुमति प्रदान करने के लिए ‘सिलीगुड़ी सिनर्जी ’ का आयोजन किया गया है.
सोमवार को सिलीगुड़ी के डागापुर में इसका उद्घाटन किया गया. इस संबंध में राज्य के उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव ने कहा कि उत्तर बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 600 करोड़ रुपये की योजनाओं को अनुमति नहीं दी गयी है, जिस कारण यह निवेश अटका हुआ है. इन समस्याओं को दूर करने के लिए ही राज्य के लघु व मध्यम वर्गीय उद्योग विभाग, सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी डेवलपमेंट अथॉरिटी (एसजेडीए) व सीआइआइ ने मिल कर इस कार्यक्रम का आयोजन किया है, जहां राज्य के 30 विभागों के कार्यालय खोले गये हैं.
किस योजना के लिए कहां समस्या है, उसका तुरंत समाधान भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि उत्तर बंगाल के दाजिर्लिंग, सिलीगुड़ी, जलपाइगुड़ी, कूचबिहार, इसलामपुर में करीब 600 करोड़ रुपये की योजनाएं फंसी हुई हैं. यह योजनाएं जमीन अधिग्रहण व विभिन्न विभागों द्वारा क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण रुकी हुई हैं. इसलिए इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने सम्मेलन आयोजित किया है.
