कोलकाता: उत्तर 24 परगना के जगदल से मंगलवार को नौ स्कूली छात्राएं रहस्यमय हालात में लापता हो गयीं. इनमें आठ की उम्र 12 से 14 वर्ष बतायी गयी है. एक छात्र की उम्र 18 साल से ज्यादा होने की बात कही गयी है. इसी छात्र पर बाकी लड़कियों को ले जाने का आरोप लगाया गया है. इस छात्र के पिता और दो भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. छह छात्रओं के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी है. उधर, इस मामले को लेकर बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की पुलिस से झड़प हो गयी. लोगों ने जगदल थाने पर प्रदर्शन कर सड़क जाम की. इस सिलसिले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है.
क्या है मामला
लापता आठ छात्राएं ललिता देवी बालिका विद्यालय की हैं, जबकि एक छात्र श्रीहरि उच्च विद्यालय में पढ़ती है. जानकारी के अनुसार, सभी छात्राएं मंगलवार को सुबह घर से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन तब से उनका कोई पता नहीं है. एक छात्र के पिता परशुराम राम ने कहा कि छात्र रेशमा खातून मंगलवार को सुबह 10 बजे के करीब उनके घर पहुंची थी. उनकी बेटी खाना खाने जा रही थी, तभी वह उसे खाना खाने से मना करते हुए अपने साथ जल्दी जाने की जिद्द करने लगी.
बाद में वह बाकी लड़कियों के घर पहुंची और उनको साथ लेकर स्कूल के लिए रवाना हो गयी. लेकिन स्कूल खत्म होने के बाद भी जब लड़कियां घर नहीं पहुंचीं तो उनके परिजन सबसे पहले रेशमा खातून के घर गये और उसके माता-पिता को इसकी जानकारी दी. इसके बाद रेशमा के पिता बाबूद्दीन अंसारी ने कहा कि उनकी बेटी टीटागढ़ में उनके रिश्तेदार के यहां गयी है, लेकिन जब उन लोगों ने उससे टीटागढ़ जाने की बात कही तो रेशमा के पिता ने उन्हें भगा दिया. रेशमा की मां ने तो यहां तक कह दिया कि आप लोग अपनी बेटियों को भूल जाइये, अब वह लौट कर नहीं आयेंगी.
इसके बाद लापता छात्रओं के परिजन रात नौ बजे के करीब जगदल थाने पहुंचे और अपनी बेटियों की गुमशुदगी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी. इसके बाद स्थानीय लोग रात एक बजे के करीब फिर से रेशमा खातून के घर पहुंचे और उसके पिता व दो भाइयों को पीट कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने रेशमा खातून के पिता बाबूद्दीन अंसारी व दो भाई नसीरुद्दीन अंसारी व सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे मामले में पूछताछ की जा रही है.
घटना के संबंध में ललिता देवी बालिका विद्यालय की प्रधानाध्यापक माला दास राय ने कहा कि विद्यालय की लापता हुई छात्राएं मंगलवार को स्कूल नहीं आयी थीं. इसलिए उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. बुधवार को स्कूल के सामने सैकड़ों लोगों की भीड़ थी, इसके बाद प्रधानाध्यापक ने शिक्षा विभाग के डीआइ से संपर्क साधा और घटना के बारे में जानकारी दी. डीआइ ने बुधवार से ही स्कूल में छुट्टी देने की घोषणा करने का निर्देश दिया. पंचमी की पढ़ाई के बाद स्कूल में छुट्टी होनी थी, लेकिन वहां बुधवार से ही छुट्टी की घोषणा कर दी गयी.
