कोलकाता/पटना : पटना के पत्रकार नगर इलाके से बरामद 10 करोड़ रुपये के नकली स्टांप के मामले का कनेक्शन पश्चिम बंगाल से जुड़ गया है. पटना पुलिस को जांच के दौरान ऐसी जानकारी मिली है, जिसमें गिरोह के तार पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हुए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन्हें प्राथमिक जांच में पता चला कि पटना से स्टांप पश्चिम बंगाल जाता है और पश्चिम बंगाल से भी स्टांप पटना आता है.
इसके कई गिरोह सक्रिय हैं और वे अपने-अपने वेंडर की मदद से जाली स्टांप की सप्लाई कर रहे हैं. पुलिस का अब उन लोगों पर भी शक पुख्ता हो चला है, जो 2013 में जाली स्टांप के मामले में इसके पहले पकड़े गये थे. उस मामले में ज्यादातर वेंडर पकड़े गये थे और वे भी फिलहाल अपने दिये गये पते पर उपलब्ध नहीं हैं. इस कारण पुलिस को इसमें खास सुराग नहीं मिल पा रहा है.
इसके पूर्व भी जाली स्टांप के तार पश्चिम बंगाल से जुड़ चुके हैं और जाली नोट भी पश्चिम बंगाल से ही बिहार में लाये जाने का खुलासा हो चुका है.
इससे पहले के मामले में अबतक फरार रंजीत पर ही पटना पुलिस की निगाह अबतक टिकी है.
लेकिन वह अभी कहां है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. पटना पुलिस ने जाली स्टांप तस्कर का स्केच भी जारी किया था, लेकिन उससे कोई मदद नहीं मिली है. इस मामले में गिरोह के शातिर सदस्यों तक पहुंचने के लिए पटना पुलिस बंगाल पुलिस से संपर्क कर रही है.
