1. home Hindi News
  2. state
  3. west bengal
  4. 10 thousand peoples shifted to safer places after high tide alert in west bengal ndrf ready mtj

ज्वार की चेतावनी के बाद 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया, NDRF तैयार

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
युद्धस्तर पर चल रहा है तटबंधों की मरम्मत का काम
युद्धस्तर पर चल रहा है तटबंधों की मरम्मत का काम
Prabhat Khabar

कोलकाता (नम्रता पांडेय) : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर जिले के यश चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को फिर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. 11 और 26 जून को ज्वार आने की चेतावनी दी गयी है. यश चक्रवात के कारण इन तीन जिलों में कई जगहों पर तटबंध टूट गये थे, जिससे समुद्र व नदियों का पानी गांवों में प्रवेश कर गया था.

कई जगहों पर तटबंध की मरम्मत का काम पूरा हो गया है. लेकिन कई स्थानों पर मरम्मत कार्य बाकी है और कई जगहों पर अब तक पानी निकला नहीं है. ऐसे में ज्वार आने से खतरा बढ़ सकता है. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने इन जिलों के तटवर्ती क्षेत्रों के गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.

किसी भी आपदा से निबटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैयार
किसी भी आपदा से निबटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैयार
Prabhat Khabar

बताया गया है कि दक्षिण 24 परगना जिले के मौसुमी और घोड़ामारा द्वीपों से 4000 से अधिक लोगों को 11 व 26 जून को ज्वार चेतावनी के बाद सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा ने बताया कि मौसुमी द्वीप से करीब 3000 व घोड़ामारा द्वीप से करीब 1100 लोगों को जिले के विभिन्न बाढ़ केंद्रों में पहुंचाया गया है.

उन्होंने कहा : अब तक हमने इन द्वीपों से 4000 से अधिक लोगों को अन्यत्र पहुंचाया है. लेकिन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर अभी और लोगों को निकाला जाना है. घोड़ामारा में 1100 परिवार तथा मौसुमी द्वीप में 3200 परिवार रहते हैं. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को इन दोनों द्वीपों के लोगों को वहां से अन्यत्र पहुंचाने का निर्देश दिया था, क्योंकि विगत 26 मई को यस के चलते तटबंध क्षतिग्रस्त हो गये थे और जून के अंत तक उनकी मरम्मत नहीं की जा सकती है.

इन इलाकों में घुस सकता है समुद्र का पानी

मंत्री ने कहा : सिंचाई विभाग मरम्मत कार्य पूरा करने का प्रयास कर रहा है. श्री हाजरा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 11 जून को ज्वार से उठनेवाली लहरें धोबाल और शिवपुर में नहीं प्रवेश करेंगी, लेकिन गोसाबा, कुलतली, पाथरप्रतिमा, फ्रेजरगंज, ईश्वरीपुर और नारायणपुर के कई हिस्सों में पानी भर सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में तटबंध की मरम्मत पूरी हो नहीं पायी है. इसी प्रकार से उत्तर 24 परगना जिले में हिंगलगंज, मिनाखां व संदेशखाली और पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर, रामनगर व मंदारमनी क्षेत्र से लाेगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है.

Posted By: Mithilesh Jha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें