Kunal Ghosh : ब्रात्य बसु की मध्यस्थता में डेरेक ओब्रायन के साथ आज कुणाल घोष की हुई बैठक, तृणमूल नेता क फिर मिल सकता है खोया पद

Kunal Ghosh : कुणाल घोष ने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि मैं तृणमूल के साथ था और रहूंगा. भले ही मेरे पास तृणमूल परिवार में कोई पद मिले या नहीं मिले. लेकिन मैं एक कार्यकर्ता समर्थक के रूप में पार्टी के साथ ही रहूंगा.

Kunal Ghosh : पश्चिम बंगाल में कुणाल घोष (Kunal Ghosh) काे लेकर राजनीति सरगर्मी तेज हाे गई है. कुणाल घोष के सम्मान में तृणमूल कांग्रेस ने कदम उठाया है पार्टी के प्रदेश महासचिव पद से हटाए जाने के बाद कुणाल ने धीरे-धीरे राज खोलना शुरू कर दिया था. जिसने लोकसभा चुनाव के दौरान तृणमूल की बेचैनी काफी बढ़ा दी थी आखिरकार कुणाल को मनाने के लिए पार्टी सांसद डेरेक ओब्रायन तथा शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने शनिवार को उनके साथ बैठक की है. तीनों नेताओं की दक्षिण कोलकाता स्थित डेरेक ओब्रायन के घर पर करीब एक घंटे तक बात-चीत हुई.

कुणाल घोष का कहना है कि वह तृणमूल के साथ थे और रहेंगे

बैठक के बाद कुणाल घोष ने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि मैं तृणमूल के साथ था और रहूंगा. भले ही मेरे पास तृणमूल परिवार में कोई पद मिले या नहीं मिले. लेकिन मैं एक कार्यकर्ता समर्थक के रूप में पार्टी के साथ ही रहूंगा. मैं तृणमूल परिवार का गौरवान्वित सदस्य हूं मुझे उम्मीद है कि पार्टी मुझ पर भरोसा करेगी. जब कुणाल से पूछा गया कि क्या उनका गुस्सा खत्म हो गया है तो उन्होंने इशारों-इशारों में ‘अहा की आनंद आकाश के बताए’ गाना गाया.

फरक्का की सभा में ममता बनर्जी ने की बीजेपी व अधीर रंजन चौधरी की कड़ी निंदा

ब्रात्य बसु ने कुणाल घोष से किया संपर्क

हालांकि, खबर है कि कुणाल ने शुरुआत में पार्टी के मध्यस्थता प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. तृणमूल सूत्रों के मुताबिक इसी दिन डेरेक ओब्रायन ने सबसे पहले कुणाल से संपर्क करने की कोशिश की. हालांकि कुणाल घाेष ने कोई जवाब नहीं दिया. जिसके बाद से ब्रात्य बसु ने कुणाल घोष से संपर्क किया और उसके बाद यह बैठक हुई. गौरतलब है कि डेरेक ओब्रायन ने ही कुणाल घोष को पार्टी के प्रदेश महासचिव पद से हटाने का बयान दिया था.

Mamata Banerjee : ममता बनर्जी ने कहा, बंगाल को मजबूत करना है तो ज्यादा तृणमूल सांसदों को भेजना होगा दिल्ली

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >