UP News: उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. प्रदेश के कई बाजारों में चीनी का खुदरा भाव 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि कुछ शहरों में 67-70 रुपये किलो तक कीमत दर्ज की गयी है. अगस्त की शुरुआत की तुलना में कई बाजारों में तेजी काफी तेज रही है. चीनी की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय में आयी है, जब रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और इसके बाद गणेशोत्सव, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार आने वाले हैं. ऐसे में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है.
सबसे पहले मिठाई के दाम पर पड़ सकता है असर
चीनी महंगी होने का सबसे सीधा असर मिठाई की कीमतों पर पड़ सकता है. रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेड़ा, बर्फी, लड्डू और अन्य मिठाइयों में चीनी बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है. त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के कारण मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है. यही वजह है कि आने वाले दिनों में मिठाई की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, कितना दाम बढ़ेगा, यह हर मिठाई और स्थानीय बाजार पर निर्भर करेगा.
गुड़ भी हुआ महंगा
चीनी की तेजी का असर गुड़ के बाजार में भी दिखाई दे रहा है. हालिया बाजार रिपोर्टों में गुड़ की खुदरा कीमत 60-65 रुपये किलो तक पहुंचने की बात सामने आयी है. कुछ बाजारों में पिछले भाव की तुलना में करीब 20 रुपये किलो तक की तेजी दर्ज की गयी है. यानी जिन परिवारों को लगता है कि चीनी महंगी होने पर गुड़ सस्ता विकल्प बन सकता है, उन्हें भी फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है.
बिस्कुट और खांड पर भी पड़ सकता है असर
चीनी का इस्तेमाल बिस्कुट, मिठाई, खांड और कई अन्य खाद्य उत्पादों में होता है. इसलिए चीनी की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहने पर इन उत्पादों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है. बाजार विशेषज्ञों और कारोबारियों ने भी चीनी की तेजी का असर बिस्कुट और मिठाई जैसे उत्पादों पर पड़ने की संभावना जतायी है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी उत्पादों की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी. कंपनियां कुछ समय तक बढ़ी हुई लागत को अपने मार्जिन में समायोजित कर सकती हैं.
आखिर चीनी इतनी महंगी क्यों हुई?
चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. घरेलू बाजार में आपूर्ति पर दबाव, मौसम से जुड़ी चिंता और त्योहारों से पहले बढ़ती मांग इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं. चीनी की कीमतों में पिछले एक महीने में तेज उछाल आया है. यूपी में एम-ग्रेड चीनी का एक्स-फैक्ट्री भाव 18 अगस्त को करीब 5,400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था.
सरकार भी हुई सक्रिय
बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर सख्ती बढ़ायी है. थोक कारोबारियों और बड़े उपभोक्ताओं के स्टॉक पर भी सीमाएं लगायी गयी हैं. केंद्र सरकार चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आयात जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चीनी की उपलब्धता और जमाखोरी की स्थिति की समीक्षा की है तथा कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
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