UP पंचायत चुनाव 2026 में OBC आरक्षण पर क्यों है खास नजर, आपके गांव की प्रधान सीट किसके लिए होगी आरक्षित और महिलाओं को कितनी मिलेगी सीटें

UP Panchayat chunav: उत्तर प्रदेश में 2026 के पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है, खासकर सीटों के आरक्षण को लेकर. जानिए ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य की सीटें किस वर्ग के लिए आरक्षित होंगी और महिलाओं का आरक्षण किस तरह लागू होगा.

UP Panchayat chunav: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच सीटों के आरक्षण को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा OBC आरक्षण की है. मौजूदा व्यवस्था के तहत पंचायतों में पिछड़े वर्ग (OBC) के लिए अधिकतम 27 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान है. इस बार OBC आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य की सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा. ऐसे में आयोग की रिपोर्ट पर संभावित उम्मीदवारों के साथ-साथ ग्रामीणों की भी नजर टिकी है, क्योंकि आरक्षण की स्थिति बदलने से कई सीटों पर चुनावी समीकरण और दावेदारों की रणनीति प्रभावित हो सकती है.

SC और OBC सीटों का आधार क्या होगा?

ग्राम पंचायत स्तर पर SC और OBC के लिए आरक्षित सीटों की संख्या संबंधित पंचायत क्षेत्र की आबादी के अनुपात से तय की जाती है. कानून में यह भी व्यवस्था है कि आरक्षित सीटों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर आवंटित किया जा सकता है. पिछली बार 2021 में जिस सीट पर किसी वर्ग के लिए आरक्षण था, जरूरी नहीं कि इसबार भी वही वर्ग उस सीट पर आरक्षित रहे. 2021 के पंचायत चुनाव में भी सरकार ने रोटेशन फॉर्मूले के तहत उन सीटों को प्राथमिकता देने की बात कही थी, जो पहले आरक्षित नहीं हुई थीं.

महिलाओं के लिए कितनी सीटें आरक्षित होंगी?

पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है. कानून के मुताबिक कुल सीटों में कम से कम एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं. इसके अलावा SC, ST और OBC के लिए आरक्षित सीटों में कम से कम एक-तिहाई सीटें संबंधित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित की जाती हैं. इन सीटों का आवंटन भी रोटेशन के आधार पर किया जा सकता है. खास बात यह है कि महिला आरक्षण केवल अलग से निर्धारित सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि SC, ST और OBC आरक्षित सीटों में भी महिला आरक्षण लागू होता है.

सामान्य सीट किसे मिलेगी?

आरक्षण लागू होने के बाद जो सीटें SC, ST, OBC या महिला आरक्षण के तहत नहीं आतीं, वे सामान्य यानी अनारक्षित सीटें होती हैं. इन सीटों पर किसी भी वर्ग के योग्य उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं. कानून में स्पष्ट किया गया है कि SC, ST, OBC और महिलाएं भी अनारक्षित सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं. इसलिए किसी सीट के सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि वहां केवल सामान्य वर्ग के उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकते हैं.

इस बार OBC आरक्षण पर क्यों है खास नजर?

2026 के पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण को लेकर प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. जून 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के OBC आरक्षण से संबंधित OBC आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया था. ऐसे में आरक्षण की अंतिम तस्वीर सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत में कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी.

उम्मीदवार अभी क्या करें?

आरक्षण सूची जारी होने से पहले संभावित उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र की पिछली आरक्षण स्थिति, ग्राम पंचायत की आबादी और संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड पर नजर रखनी चाहिए. हालांकि केवल पिछली बार की सीट देखकर इस बार का आरक्षण तय मान लेना सही नहीं होगा, क्योंकि रोटेशन और लागू नियमों के अनुसार सीट की श्रेणी बदल सकती है. अंतिम जानकारी के लिए सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक आरक्षण सूची का इंतजार करना जरूरी है.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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