Varanasi Land Fraud: जंसा थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में जमीन दिलाने के नाम पर 11.50 लाख रुपये लेने और पति के नाम की जमीन का कथित तौर पर धोखे से दानपत्र कराने का मामला सामने आया है. मुनकी देवी ने अपनी ननद तारा देवी, नंदोई शिवधर प्रसाद समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. पुलिस ने महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
12 लाख में जमीन का सौदा, 5.50 लाख आरटीजीएस से भेजे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुनकी देवी का आरोप है कि उनके पति के नाम कमालपुर मौजा में आराजी संख्या 68, 62 और 320 की जमीन है. महिला के मुताबिक, उनकी ननद तारा देवी और नंदोई शिवधर प्रसाद ने गांव में जमीन दिलाने और देखभाल करने का भरोसा देकर 12 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय किया. आरोप है कि इसके बाद उनके पति ने 10 अक्टूबर 2022 को शिवधर प्रसाद के खाते में 2.50 लाख रुपये और 23 सितंबर 2024 को 3 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए भेजे. मुनकी देवी का आरोप है कि 28 अक्टूबर 2024 को जमीन की लिखा-पढ़ी कराने के बहाने उनके पति को गंगापुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया.
जमीन की जगह दानपत्र कराने का आरोप
महिला का आरोप है कि रजिस्ट्री कार्यालय में काशीनाथ और छोटे लाल पहले से मौजूद थे. वहां तैयार दस्तावेजों के जरिए साजिश के तहत उनके पति के नाम की कमालपुर स्थित जमीन का दानपत्र तारा देवी के नाम करा दिया गया. आरोप है कि पति को शराब की लत होने की जानकारी का फायदा उठाया गया और दानपत्र की जानकारी परिवार को नहीं दी गई. इसके बाद भी जमीन दिलाने के नाम पर 11 अप्रैल 2025 को 1 लाख और 24 जुलाई 2025 को 5 लाख रुपये आरटीजीएस से लिए गए. बाकी 50 हजार रुपये बैनामे के समय देने की बात कही गई थी.
जमीन या रकम मांगने पर 50 लाख की मांग का आरोप
मुनकी देवी के अनुसार, जमीन या रकम वापस मांगने पर आरोपितों ने दानपत्र के जरिए जमीन और मकान अपने नाम कराने की बात कही. महिला का आरोप है कि जमीन वापस करने के बदले 11.50 लाख रुपये के अलावा 50 लाख रुपये नकद या दो बिस्वा जमीन की मांग की गई. 23 जुलाई 2026 की शिकायत के बाद आरोपित पक्ष ने एक सप्ताह में दानपत्र वापस करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर दानपत्र, आरटीजीएस लेनदेन और अन्य आरोपों की जांच शुरू कर दी है.
