UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति तेज कर दी है. लखनऊ में हुई सेवा संकल्प अभियान की कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को सरकार के काम के भरोसे बैठने के बजाय जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया. वहीं राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष के डिजिटल नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए जमीनी नेटवर्क को डिजिटल अभियान से जोड़ने का प्लान सामने रखा.
योगी का संदेश, संगठन को रहना होगा एक्टिव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को साफ कहा कि सरकार की उपलब्धियों के भरोसे निश्चिंत होकर बैठने का समय नहीं है. उन्होंने विपक्ष पर Gen-Z, Gen Alpha और राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया. योगी ने शिक्षा, एयर कनेक्टिविटी और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों की जानकारी घर-घर और बूथ स्तर तक पहुंचनी चाहिए.
27 हजार शक्ति केंद्रों पर फोकस
कार्यशाला में स्मृति ईरानी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ डिजिटल मोर्चे पर सक्रिय होने की रणनीति बताई. उनका फोकस उत्तर प्रदेश के करीब 27 हजार शक्ति केंद्रों पर रहा. उन्होंने हर शक्ति केंद्र से कम से कम 10 ऐसी कहानियां जुटाने की बात कही, जिनमें सरकारी योजनाओं से लोगों को वास्तविक लाभ मिला हो. इससे भाजपा के पास बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर की सफलता की कहानियां तैयार होंगी.
भाषण नहीं, लाभार्थियों की कहानी बनेगी हथियार
स्मृति ईरानी ने कहा कि विपक्ष के डिजिटल नैरेटिव का जवाब केवल नेताओं के भाषणों से नहीं दिया जा सकता. इसके लिए उन लोगों की वास्तविक कहानियां सामने लानी होंगी, जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है. इनमें पीएम आवास योजना के लाभार्थी, ओडीओपी से जुड़े कारीगर, मुद्रा योजना से कारोबार शुरू करने वाले उद्यमी और ऑपरेशन कायाकल्प से बदले स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे.
एक मिनट के वीडियो से डिजिटल कैंपेन
भाजपा इन लाभार्थियों की करीब एक मिनट की वीडियो कहानियां तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की तैयारी में है. यानी पार्टी का जोर अब सिर्फ मंचों से उपलब्धियां गिनाने पर नहीं, बल्कि लाभार्थियों की जुबानी असर दिखाने पर होगा. स्मृति ईरानी ने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारियों से कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखने को भी कहा. साथ ही केंद्र सरकार के 13 अभियानों को प्रभावी तरीके से चलाने और कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान में संगठन व सरकार के बीच समन्वय पर जोर दिया.
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