गांव की महिलाओं ने बेकार प्लास्टिक से बना दी सुंदर गुड़िया

Plastic Recycling Doll : गांव की महिलाओं ने कमाल कर दिया है. उन्होंने बेकार प्लास्टिक से सुंदर गुड़िया बनानी शुरू की हैं. अब ये गुड़िया सिर्फ खिलौने नहीं, बल्कि सफाई और रिसाइक्लिंग का अच्छा उदाहरण बन रही हैं. इन महिलाओं को सम्मान दिया जाएगा.

Plastic Recycling Doll : मुख्यमंत्री योगी आदित्य की सोच के मुताबिक नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण की एक खास पहल देखने को मिलेगी. छह बार की बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम ‘नन्ही कली’ कार्यक्रम में पहुंचकर बेटियों को सम्मानित करेंगी. इस कार्यक्रम की खास बात है गांव की महिलाओं द्वारा बनाई गई रिसाइकिल प्लास्टिक की गुड़िया ‘नन्ही कली’. इस पहल से एक साथ कई काम हो रहे हैं- पर्यावरण की सुरक्षा, महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता, और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों को भी नई ताकत मिल रही है.

योगी सरकार का विजन बढ़ रहा आगे

नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक के तौर पर मनाने की तैयारी चल रही है. ऐसे में ‘नन्ही कली’ पहल सीधे बेटियों के सम्मान और उन्हें आगे बढ़ाने से जुड़ रही है. ये कार्यक्रम सीएम योगी के नेतृत्व में चल रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती देने वाला है.

प्लास्टिक से बनी गुड़िया से पर्यावरण को भी राहत

बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि इस गुड़िया की सबसे खास बात ये है कि इसमें रुई या स्पंज नहीं, बल्कि बेकार प्लास्टिक बोतलों से बने बारीक फाइबर का इस्तेमाल किया गया है. इससे एक तरफ प्लास्टिक कचरे की समस्या कम हो रही है, तो दूसरी तरफ ‘कचरे से कंचन’ वाली सोच भी सच होती नजर आ रही है.

गांव की महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी

‘नन्ही कली’ गुड़िया ग्रामीण महिलाओं द्वारा कपड़ों के टुकड़ों और पुनर्चक्रित सामग्री (Recycled materials) से तैयार की जा रही है. यह पहल महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है. साथ ही, यह ‘वोकल फॉर लोकल’ को भी मजबूत करती है.

मैरी कॉम देंगी बेटियों को नई प्रेरणा

कार्यक्रम में मैरी कॉम की मौजूदगी युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेंगी. वह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी.

जीरो वेस्ट विजन से बन रही बागपत की नई पहचान

जिलाधिकारी अस्मिता लाल के ‘जीरो वेस्ट’ विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब बागपत को नई पहचान दिलाने की ओर बढ़ रही है. ‘नन्ही कली’ केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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