राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न कमांड की कमान

Ram Mandir CEO: राम मंदिर ट्रस्ट को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है. भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह महत्वपूर्ण पद सौंपा गया है. मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी.

Ram Mandir CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किया है. अयोध्या में बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी. जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली थी. ट्रस्ट की यह बैठक अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में हुई.

ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल

बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों की नियुक्ति भी की गई. इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं. महेश भागचंदका दिवंगत विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वह अशोक सिंघल फाउंडेशन से भी जुड़े हैं.


जितेंद्र मिश्रा

कौन हैं नए ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय?

मदन मोहन पांडेय अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं. राम जन्मभूमि से जुड़े मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कानूनी प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही है.

महेश भागचंदका का राम मंदिर आंदोलन से पुराना जुड़ाव

दिल्ली के महेश भागचंदका दिवंगत VHP नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वह अशोक सिंघल फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं और फाउंडेशन की गतिविधियों से लंबे समय से जुड़े रहे हैं. फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, भागचंदका ने अशोक सिंघल की जीवनी भी लिखी है. राम मंदिर के भूमि पूजन से जुड़े आयोजन में भी वह मुख्य यजमान रहे थे.

निर्मला यादव बनीं ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य

शिकोहाबाद की निर्मला यादव को भी राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल किया गया है. उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में उन्हें ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बताया गया है. उनकी नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में महिला प्रतिनिधित्व भी बढ़ा है.

5585 आवेदनों के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के चयन के लिए कुल 5585 आवेदन प्राप्त हुए थे. चयन प्रक्रिया में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल मूल्यांकन किया गया. इसके लिए 600 अंकों का मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया था. प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद 470 या उससे अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को अगले चरण में शामिल किया गया. इसके बाद उम्मीदवारों के ऑनलाइन और व्यक्तिगत इंटरव्यू हुए और अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया. चयन समिति ने तीन उम्मीदवारों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा था, जिसके बाद बुधवार को ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई.

चंदे में कथित चोरी के विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव

राम मंदिर ट्रस्ट में यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब मंदिर को मिले चढ़ावे और दान के कथित गबन को लेकर विवाद चल रहा है. इस मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. विवाद के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन पदाधिकारी अपने पद से हट चुके हैं. ऐसे में पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति को ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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By कोमल अग्रवाल

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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