Rakhi 2026: जवानों के लिए छात्राओं ने बनाई AI सोलर राखी, जानिए कैमरा-माइक समेत क्या है खास

UP News: काशी की छात्राओं ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के लिए एक अनोखी 'AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी' का प्रोटोटाइप तैयार किया है. यह राखी न सिर्फ सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि इसमें उन्नत तकनीक भी समाहित है.

UP News: रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, लेकिन काशी की छात्राओं ने इस बार रक्षा के इस भाव को देश की सीमाओं तक पहुंचाने की अनोखी कोशिश की है. जूनियर साइंटिस्ट श्याम चौरसिया के नेतृत्व में छात्राओं ने जवानों के लिए AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी का प्रोटोटाइप तैयार किया है. देखने में यह राखी जैसी है, लेकिन इसमें डिस्प्ले, कैमरा, माइक्रोफोन, ट्रांसमीटर-रिसीवर और ब्लूटूथ जैसी तकनीकें जोड़ी गई हैं.

रक्षाबंधन की भावना से जुड़ी तकनीक

रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा. इसी मौके पर छात्राओं ने भाई-बहन के रिश्ते में छिपे सुरक्षा के भाव को सीमा पर तैनात जवानों से जोड़ने का प्रयास किया है. करीब 70 ग्राम वजन वाली इस राखी को तैयार करने में लगभग तीन महीने लगे और इसकी अनुमानित लागत करीब एक लाख रुपये बताई गई है. प्रोटोटाइप में 3.7 वोल्ट की बैटरी के साथ सोलर सेल्फ-चार्जिंग सिस्टम भी लगाया गया है.

मोबाइल नेटवर्क न हो तो संचार में मदद का दावा

छात्राओं के मुताबिक राखी में 2.1 इंच का डिस्प्ले, ट्रांसमीटर-रिसीवर, ब्लूटूथ मॉड्यूल, कैमरा और माइक्रोफोन लगाया गया है. इसमें सैटेलाइट आधारित डिस्प्ले के जरिए मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ऑडियो-वीडियो संचार की सुविधा देने का प्रयास किया गया है. हालांकि यह अभी एक प्रोटोटाइप है और इसके व्यावहारिक इस्तेमाल से पहले तकनीकी परीक्षण और जरूरी सुधार की जरूरत होगी.

पहले भी जवानों की सुरक्षा पर बना चुके हैं प्रोटोटाइप

श्याम चौरसिया इससे पहले भी जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई तकनीक आधारित प्रोटोटाइप तैयार कर चुके हैं. इनमें इलेक्ट्रॉनिक आर्मी हैंड ग्लव्स, आर्मी एंटी अटैक सिस्टम और AI आर्मी जैकेट शामिल हैं. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने लिपस्टिक और झुमका जैसे तकनीक आधारित उपकरण तैयार किए हैं. इस बार छात्राओं के साथ मिलकर तैयार की गई AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी का उद्देश्य तकनीक को रक्षाबंधन की भावना और जवानों की सुरक्षा से जोड़ना है.

रक्षा मंत्री और पीएम कार्यालय तक पहुंचाने की तैयारी

राखी तैयार होने के बाद छात्राओं और स्कूल प्रबंधन की ओर से रक्षा मंत्री को ईमेल भेजकर जवानों को यह राखी सौंपने के लिए समय मांगा गया है. छात्राएं चाहती हैं कि उनके हाथों से तैयार की गई यह राखी सीमा पर तैनात जवानों तक पहुंचे. इसके अलावा वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में पत्रक देकर जवानों तक राखी पहुंचाने में मदद की मांग करने की भी तैयारी है.

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By अंजली कश्यप

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