UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में गुर्जर नेता दिग्विजय भाटी और दलित नेता मोहित जाटव के साथ कथित मारपीट और थर्ड डिग्री प्रताड़ना का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है. मेरठ में जन शिकायत सुनवाई के दौरान सामने आए इस मामले की जांच ADG जोन भानु भास्कर ने सहारनपुर के DIG को सौंपी है. दोनों नेताओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, सपा विधायक अतुल प्रधान और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
ADG ने सहारनपुर DIG को सौंपी जांच
ADG जोन भानु भास्कर ने पुलिस कार्यालय में जन शिकायत सुनवाई के दौरान सामने आए दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव से कथित मारपीट व थर्ड डिग्री प्रताड़ना के मामले की जांच सहारनपुर के डीआईजी को सौंपी है. दिग्विजय भाटी ने कहा कि उनकी शिकायत पर पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और इसके बाद मामले की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर उनके आरोप निराधार पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए. वहीं, अगर पुलिसकर्मियों के आरोप फर्जी साबित होते हैं तो उनके खिलाफ भी जेल भेजने की कार्रवाई होनी चाहिए.
अतुल प्रधान ने SSP पर लगाए गंभीर आरोप
सपा विधायक अतुल प्रधान ने मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने SSP को ‘बर्बर पुलिस अधिकारी’ बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी काम को लेकर व्हाट्सऐप पर संदेश भेजा था. इसके बाद उन्हें फोन आया और कहा गया कि किसी भी सिफारिश को नहीं सुना जाएगा. अतुल प्रधान ने कहा कि उस समय उन्हें जानकारी नहीं थी कि दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित तौर पर क्या हो रहा था. उन्होंने घटनाक्रम बताते हुए यह भी कहा कि उन्होंने रात में भाटी और जाटव को छुड़ाया और बताया कि यह किस शर्त पर हुआ.
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसान का अपमान देश का अपमान है. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में किसान नेताओं को पुलिस थानों के अंदर थर्ड डिग्री प्रताड़ना और पिटाई का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इसे लेकर सरकार पर किसानों के प्रति अत्याचार का आरोप लगाया और कहा कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए.
दोषियों पर कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग
अखिलेश यादव ने मामले में हर दोषी पक्ष के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की. अपने बयान में उन्होंने भाजपा सरकार की किसान नीति को लेकर भी कई आरोप लगाए, जिनमें MSP पर प्रतिबद्धता, कृषि खरीद, खाद की उपलब्धता और किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरी तरह निंदनीय हैं और किसानों को भाजपा तथा उसके सहयोगियों के रवैये पर ध्यान देना चाहिए.
अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
मामले में सहारनपुर के DIG को जांच सौंपे जाने के बाद अब जांच के नतीजे पर नजर है. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की ओर से लगाए गए थर्ड डिग्री प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय हो सकेगी. फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में जांच शुरू करने की जिम्मेदारी सहारनपुर DIG को दी गई है.
