वरुण गांधी ने सरकार को घेरा, कहा- एक करोड़ सरकारी पद खाली, नौकरियों का पैसा बचाकर चुनाव में बांट रहे रेवड़ियां

वरुण गांधी ने कहा कि युवा बेरोजगार घूम रहे हैं. पहले इतनी परीक्षाएं होती थीं, लेकिन अब जो परीक्षा में बैठता है तो तीन साल बाद रिजल्ट आता है. आधे पेपर तो कैंसिल हो जाते हैं. पहले इतनी नौकरियां होती है, लेकिन अब सब सिकुड़ गई हैं, क्योंकि सब प्राइवेट को बेच दिया है.

Varun Gandhi In Pilibhit: केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरी दिए जाने के दावों पर उसके अपने ही सांसद ने सवाल उठाए हैं. पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने इस बार बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा ​कि देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है. घर घर में लोग बेरोजगार हैं. सरकारी नौकरी के एक करोड़ पद खाली हैं. बेरोजगार संकट के दौर से जूझ रहे हैं, लेकिन किसी को उनकी फिक्र नहीं है. नौकरियों का पैसा बचाकर चुनाव में रेवड़ियां बांटी जा रही हैं. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहे हैं, लेकिन चुनाव में मुफ्त अनाज जैसी लोक लुभावन योजनाओं की घोषणाएं की जाती हैं. संविदा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है.

वरुण गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में सोमवार को जनसंवाद के एक कार्यक्रम में कहा कि युवा बेरोजगार घूम रहे हैं. पहले इतनी परीक्षाएं होती थीं, लेकिन अब जो परीक्षा में बैठता है तो तीन साल बाद रिजल्ट आता है. आधे पेपर तो कैंसिल हो जाते हैं. पहले इतनी नौकरियां होती है, लेकिन अब सब सिकुड़ गई हैं, क्योंकि सब प्राइवेट को बेच दिया है. प्राइवेट वाले दिल्ली-मुंबई के लड़के को रखेंगे या पीलीभीत पीलीभीत बीसलपुर के लड़के को.

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वरुण गांधी ने कहा कि वह 15 साल से सांसद हैं, लेकिन ना तो वेतन लेते हैं और ना ही सरकारी वाहन की सुविधा, लाभ लेने लगेंगे तो मन की बात नहीं बोल पाएंगे. उन्होंने कहा​ कि वह सच बोलने की हिम्मत रखते हैं और सबके सामने अपने मन की बात कह पाते हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान पूरे जिले में दवाएं, ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ही आठ रसोइयां चलाकर लोगों की मदद की, क्योंकि यह सभी लोग उनके परिवार हैं. राजनीति में भ्रष्टाचार बेहद गहराई तक जड़ें जमा चुका है. उन्होंने कहा कि पीलीभीत में कुछ नेता कॉलोनी बना रहे हैं तो कोई आश्रम बना रहा है. चुनाव के बाद उनके दिन बदल गए. कोई भी रिश्वत छोड़ने को तैयार नहीं है.

वरुण गांधी ने कहा कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों को 10-20 हजार करोड़ का लोन मिलता है, लेकिन यहां आम आदमी के दो लाख का लोन मिलने में प्राण निकल जाते हैं. उन्होंने कहा कि मैं दो हिंदुस्तान को नहीं देखना चाहता, जिसमें एक हिंदुस्तान के बच्चे विदेश में पढ़ें और नौकरी पाए. दूसरे हिंदुस्तान में बच्चों के सपने छोटे हो, स्वास्थ्य भी ठीक न हो. नौकरी भी न मिल पाए। सिकुड़ सिकुड़ कर जीवन कटे.

वरुण गांधी ने कहा कि उनके पिता ने एक लाख करोड़ की मारुति कंपनी देश के नाम कर दी. भारत मां का नारा बहुत लोग देते हैं, लेकिन भारत मां से सिर्फ नारे से मजबूत नहीं होती है. मेरी राजनीति देश को मजबूत करने के लिए है और पीलीभीत मेरा घर मेरा परिवार है.

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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