UP Assembly Election 2022: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ समाजवादी पार्टी के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर के वायरल होते ही सपा और कांग्रेस में ट्विटर पर जंग छिड़ गई. दोनों एक-दूसरे पर पलटवार कर रहे हैं. इस जंग में भारतीय जनता पार्टी भी शामिल हो गई है.
यूपी कांग्रेस ने तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा, नई सपा में ‘स’ का मतलब ‘संघवाद’ है? इस पर समाजवादी पार्टी भी चुप नहीं रही. सपा ने ट्वीट कर कहा, कांग्रेस राजनीतिक शिष्टाचार भूल चुकी है. जिस कार्यक्रम की तस्वीर वह लगा रही है, उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी नेताजी का आशीर्वाद लिया है. इस पर अब कांग्रेस क्या कहेगी ?
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सपा के इस ट्वीट पर यूपी कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी का धन्यवाद किया और कहा कि हम यही जानना चाह रहे थे. समाजवादी पार्टी ने स्वीकार किया है कि आदरणीय मुलायम सिंह यादव जी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को आशीर्वाद दिया है. प्रदेश की जनता को स्पष्ट करने के लिए पुनः शुक्रिया.
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सपा-कांग्रेस के बीच ट्विटर पर जारी जंग में भारतीय जनता पार्टी भी कूद पड़ी है. यूपी बीजेपी ने ट्वीट करते हुए लिखा, तस्वीर बहुत कुछ कहती है. इस पर सपा ने पलटवार करते हुए लिखा, तस्वीर कुछ बोलती है और ये राज खोलती है कि कोई बताने आये थे. अनुपयोगी जाने वाले हैं और साइकिल वाले आने वाले हैं.
सपा-कांग्रेस के बीच ट्विटर पर छिड़े जंग को लेकर यूजर्स ने भी जमकर कमेंट किए हैं. नेहा भारती लिखती हैं, कांग्रेस को शायद पीड़ा इस बात की हो रही है कि आरएसएस को पाला पोसा हमने और वो आशीर्वाद दे रहे हैं मुलायम सिंह को. वहीं, अंकुश शुक्ला जौनपुरी ने लिखा, प्रियंका गांधी से आग्रह है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सोशल मीडिया वालों को थेथरई ना करने की सलाह दें. सपा-कांग्रेस की लडाई का फायदा सिर्फ भाजपा को मिलेगा. भाजपा की इसी चाल के क्रम में मोहन भागवत मुलायम से मिल रहे हैं.
पटेल भाई नाम के यूजर ने लिखा, दुश्मनों का दुश्मन दोस्त होता है. आप लोग किसके लिए लड़ रहे हो. जनता या खुद के लिए. कांग्रेस और समाजवादी एक हो, तभी बीजेपी को हराया जा सकता है. आप लोग संघ और बीजेपी के चक्कर में फंसते जा रहे हो. एक अन्य ने लिखा, लोकसभा चुनाव में भी नेता जी ने साहिब को आशीर्वाद देकर अच्छे दिनों की भागीदारी निभाई. परिणाम पूरा देश भुगत रहा है. दूसरे ने लिखा, जुम्मन के मसीहा मुलायम सिंह ने किया है तो ठीक ही किया होगा. बाकी बीजेपी का एजेंट तो मायावती जी और ओवैसी हैं ही.
एक यूजर ने लिखा, जो भाजपा है वही कांग्रेस है और जो कांग्रेस है वही भाजपा है. गोपीनाथ वर्मा ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा और कांग्रेस ये दोनों ही छल और कपट में माहिर हैं. इन दोनों ने देश को सिर्फ ठगा है और मासूम जनता को गुमराह करने का काम किया है. अंशू बाजपेयी ने लिखा, मुलायम सिंह की आरएसएस से यारी के कारण आजम खान को जेल में रहना पड़ रहा है. या तो मुलायम का परिवार जेल में होता, जिसको नेता जी ने केवल आजम खान की बलि देकर बचा लिया. आजम खान को बचाने के लिए सपा ने कोई आंदोलन क्यों नहीं किया?
सपा-भाजपा के बीच ट्विटर पर आरोप-प्रत्यारोप पर एक यूजर ने लिखा, तुम्हारी आंखों पर जो चश्मा लगा है ना, वह जल्द ही उतर जाएगा. आप देखते रहिए. जालीदार टोपी पहन कर आप कभी भी सत्ता में वापस नहीं आ सकते. एक अन्य ने लिखा, तस्वीर बता रही है कि भगवा और लाल दोनों एक हैं.
Posted By: Achyut Kumar
