अमरोहा में राहगीरों के लिए काल बने आवारा सांड, 3 महीने के भीतर 8 लोगों ने जान गंवाई, मरने वालों में 5 बच्चे

29 मई को, एक भारतीय सेना के सिपाही, अंकित कुमार (28), हसनपुर अतरसी रोड पर अपनी मोटरसाइकिल की सवारी करते समय एक आवारा सांड का शिकार हो गए थे.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आवारा मवेशियों का खतरा बढ़ता जा रहा है.अमरोहा में एक सांड ने एक बच्चे की जिंदगी छीन ली. राखालू गांव में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले 11 वर्षीय लड़के पर एक सांड ने हमला किया और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई. सूत्रों के मुताबिक, दुष्यंत कुमार मंगलवार रात एक शादी में शामिल हुआ था, जब अचानक एक आवारा सांड ने उस पर हमला कर दिया. हालांकि ग्रामीण उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन लड़के को पहले ही गंभीर चोटें आ चुकी थीं, जो जानलेवा साबित हुई.

सांड के हमले से कई बाइक सवार की

यह पिछले तीन महीनों के भीतर मवेशियों के हमलों के परिणामस्वरूप जिले में आठवीं मौत है. इस साल की शुरुआत में, 29 मई को, एक भारतीय सेना के सिपाही, अंकित कुमार (28), हसनपुर अतरसी रोड पर अपनी मोटरसाइकिल की सवारी करते समय एक आवारा सांड का शिकार हो गए थे. 7 अप्रैल को भावली गांव के रामवीर सिंह नामक किसान एक सांड का शिकार हो गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई. 19 मार्च को प्रभुवन गांव के रहने वाले राम रतन और मुनेद्र सिंह नाम के दो बाइक सवारों पर एक आवारा सांड ने हमला कर दिया था. मुनेंद्र की मौत हो गई.

आवारा सांड को नंदी अभ्यारण केंद्र भेजा जा रहा

हसनपुर एसडीएम, अशोक कुमार ने कहा, “सभी आवारा सांड और गायों को पकड़कर नंदी अभ्यारण केंद्र भेजा जा रहा है. हमने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मवेशियों को खुलेआम छोड़ने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें.

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By अनुज शर्मा

Senior Correspondent

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