Lucknow News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को मनी लांड्रिंग के मामले में माफिया से राजनेता बनने वाले एवं अहमदाबाद की जेल में निरूद्ध अतीक अहमद और उनकी पत्नी की 8.14 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया. एजेंसी ने उनके खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी, भूमि हथियाने और समान प्रकृति के अपराधों से संबंधित विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी.
जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान यह पता चला है कि अतीक अहमद आपराधिक गतिविधियों के जरिए अवैध तरीके से रुपया कमाता था. जो उनके और उनके रिश्तेदारों के कई बैंक खातों में जमा करके रखा गया था. ईडी की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपनी जांच में यह भी पाया है कि उनके सहयोगियों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न फर्मों और कंपनियों से उनके खातों में धन जमा किया जा रहा है.
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इन निधियों का उपयोग उनकी पत्नी के नाम पर सरकारी मूल्य से काफी कम कीमत पर भूमि संपत्ति के अधिग्रहण के लिए किया गया है. ईडी ने अतीक के सहयोगियों द्वारा चलाई जा रही कंपनियों से संबंधित एमसीए, आईटी विभाग और अन्य एजेंसियों से डेटा एकत्र किया है. आरोपी व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और इन कंपनियों में निवेश किए गए धन के स्रोत का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है. अपराध की आय का मनी ट्रेल भी स्थापित किया जा रहा है.
इस अनंतिम कुर्की के तहत इलाहाबाद स्थित फूलपुर तहसील की परगना झूंसी के मौजा कटका की सम्पत्ति को अटैच किया गया है. यह संपत्ति अतीक अहमद ने रुपये के विचार के लिए अधिग्रहित की थी. हालांकि, यह कुर्की जिस रकम के लिए की गई है वह 6.86 करोड़ रुपए है. इसके अलावा ईडी ने बैंक खाते में रुपये की शेष राशि भी संलग्न की है. ईडी ने बताया कि अतीक अहमद के 10 बैंक खातों सहित उनकी पत्नी के एक बैंक खाते में 1.28 करोड़ रुपए पड़े हैं. बता दें कि इस मामले में ईडी की ओर से यह पहली कुर्की है. आगे की जांच जारी है और अहमदाबाद की जेल में बंद अतीक अहमद और उनके सहयोगियों की अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किए जाने की संभावना है.
बता दें कि कानपुर में रविवार को ऑल इंडिया मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी (एआईएमआईएम) ने रैली आयोजित की. इस दौरान मंच पर माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद के बेटे अली और पत्नी शाइस्ता परवीन ने चुनाव लड़ने से पहले जेल में बंद अतीक का जनता को संदेश सुनाया था. पैगाम उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन ने पढ़ा था. उन्होंने कहा था, ‘मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि कानपुर में मुसलमान बहुत हैं. तुम अगर चुनाव लड़ोगे तो जीत जाओगे अतीक अहमद.’ अजब इत्तिफाक है कि मात्र एक दिन के बाद ही ईडी की कार्रवाई में उनकी करोड़ों की सम्पत्ति चली गई है.
