लखनऊ : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के द्वारा बुधवार को कसाब शब्द का उपयोग किये जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी सामने आये हैं. उन्होंने आज कहा कि कसाब का मतलब साफ है क से कांग्रेस, स से सपा और ब से बसपा…. यूपी को इस कुशासन की कुंडली से मुक्ति चाहिए…
आपको बता दें कि बुधवार को शाह ने कांग्रेस, सपा और बसपा के लिए संक्षिप्त में ‘कसाब’ शब्द गढ़ते हुए कहा कि जब तक इनका खात्मा नहीं होगा, तब तक यूपी का भला नहीं होने वाला. मालूम हो कि पाक आतंकी कसाब को मुंबई हमले के दोष में फांसी दी गयी थी.
शाह ने आजमगढ़ और गोरखपुर की चुनावी जनसभा में कहा, ‘उत्तर प्रदेश की जनता इस बार के चुनाव में इस कसाब से मुक्ति पा ले. कसाब से मेरा मतलब ‘क’ से कांग्रेस, ‘स’ से सपा और ‘ब’ से बसपा है. इन तीनों पार्टियों से मुक्ति नहीं मिली तो उत्तर प्रदेश का भला नहीं होगा.’ अमित शाह ने अखिलेश सरकार पर जाति देख कर लैपटॉप बांटने का आरोप लगाया.
वे बोले, पहले वह आपसे जाति-धर्म पूछेंगे, अगर धर्म अनुकूल नहीं हुआ तो आपको लैपटॉप नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि जिस दिन भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, उसी दिन मध्यरात्रि 12 बजे से पहले अध्यादेश लाकर सभी कत्लखाने बंद कर दिये जायेंगे.
