मायावती ने किया सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन, मान्यता रद्द हो : भाजपा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती परेशानी में आ गयी हैं. प्रदेश भाजपा के एक पदाधिकारी ने चुनाव आयोग से यह शिकायत की है कि मायावती ने टिकटों के वितरण के समय जिस तरह से धर्म और जाति का विवरण दिया […]

लखनऊ : उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती परेशानी में आ गयी हैं. प्रदेश भाजपा के एक पदाधिकारी ने चुनाव आयोग से यह शिकायत की है कि मायावती ने टिकटों के वितरण के समय जिस तरह से धर्म और जाति का विवरण दिया वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है.

भाजपा सदस्य नीरज शंकर सक्सेना ने शनिवार को निवार्चन आयोग से मायावती की शिकायत की है. गौरतलब है कि 24 दिसंबर और तीन जनवरी को मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी पार्टी द्वारा जाति तथा धर्म के आधार पर टिकट बांटे जाने का विवरण दिया था.
ज्ञात हो कि कुछ ही दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि धर्म, जाति, भाषा या वर्ग के आधार पर वोट मांगना गलत है. इसलिए भाजपा नेता ने यह मांग की है कि एक पार्टी के रूप में बसपा की मान्यता रद्द की जाये.
मायावती ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करते वक्त इस बात का सिलसिलेवार जिक्र किया था कि उन्होंने किस जाति और धर्म के लोगों को कितने टिकट दिये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >