नयी दिल्ली/ लखनऊ : उत्तरप्रदेश में अगले वर्ष आसन्न विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए भाजपा पांच नवंबर से चार स्थानों से ‘परिवर्तन यात्रा’ निकालेगी इसका उद्देश्य ‘मिशन 265 प्लस’ का लक्ष्य हासिल करना है. पार्टी इसमें अपराध, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं लोगों की बुनियादी जरुरतों के मुद्दे को उठायेगी और विकास का अपना एजेंडा लोगों के समक्ष पेश करेगी. बिहार विधानसभा चुनाव के विपरीत भाजपा उत्तरप्रदेश में पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे नहीं करेगी बल्कि प्रदेश के कई नेताओं को अभियान में आगे करेगी.
पार्टी का मानना है कि चुनाव में सामूहिक नेतृत्व को महत्व दिया जायेगा. इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पार्टी उत्तरप्रदेश में चार स्थानों से परिवर्तन यात्रा शुरु करेगी जिसमें पूर्ववर्ती बसपा और वर्तमान सपा सरकार के भ्रष्टाचार, अपराध और प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं की कमी की समस्याओं को रेखांकित किया जायेगा.”
भाजपा की परिवर्तन यात्रा पांच नवंबर को सहारनपुर, छह नवंबर को झांसी, सात नवंबर को सोनभद्र और आठ नवंबर को बलिया से शुरू होगी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखायेंगे. भाजपा ने इस यात्रा के लिए बसों के रुप में परिवर्तन रथ भी तैयार किया जिस पर ‘न गुंडाराज, न भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार’ तथा ‘पूर्ण बहुमत सम्पूर्ण विकास, अबकी बार भाजपा सरकार’ जैसे नारों का उल्लेख है.
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 15 साल तक कुशासन, अपराध, भ्रष्टाचार और लूट देखी है. 2012 में बहन मायावती की अराजकता एवं भ्रष्टाचार से तंग आकर यूपी की जनता ने अखिलेश सरकार को चुना था लेकिन सपा सरकार ने सूबे के लोगों को निराश ही किया है. शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार बस कुछ ही दिनों की मेहमान है. प्रदेश की जनता 2012 में अखिलेश की बुआ को खारिज कर चुकी है और अब भतीजे अखिलेश को भी राज्य की जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है. बस औपचारिकताएं रह गई हैं, वह भी ईवीएम पर बटन दबाते ही पूरी हो जायेगी.
